August 12 Total Solar Eclipse: साल 2026 का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगने जा रहा है। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) होगा, लेकिन भारत में दिखाई नहीं देगा। इसी वजह से भारत में सूतक काल मान्य नहीं होगा और मंदिरों में पूजा-पाठ सामान्य रूप से जारी रहेगा। इस ग्रहण की सबसे खास बात यह है कि स्पेन में करीब 100 साल बाद पूर्ण सूर्य ग्रहण का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा।
12 अगस्त 2026 को लगेगा साल का अंतिम सूर्य ग्रहण
साल 2026 में कुल दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण पड़ रहे हैं। पहला सूर्य ग्रहण और पहला चंद्र ग्रहण फरवरी और मार्च में हो चुके हैं। अब 12 अगस्त को सावन अमावस्या के दिन वर्ष का अंतिम सूर्य ग्रहण लगेगा, जबकि 28 अगस्त 2026 को सावन पूर्णिमा के दिन अंतिम चंद्र ग्रहण होगा।
हालांकि ये दोनों ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे, इसलिए इनका धार्मिक प्रभाव भारतीय परंपरा के अनुसार नहीं माना जाएगा। वहीं खगोल विज्ञान और ज्योतिष की दृष्टि से यह ग्रहण काफी महत्वपूर्ण रहेगा।
कैसे लगता है सूर्य ग्रहण?
जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में आ जाते हैं और चंद्रमा पृथ्वी तथा सूर्य के बीच आकर सूर्य को पूरी तरह या आंशिक रूप से ढक लेता है, तब सूर्य ग्रहण की घटना होती है। पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान कुछ समय के लिए दिन में भी अंधेरा छा जाता है और सूर्य का बाहरी कोरोना स्पष्ट दिखाई देता है।
स्पेन में 100 साल बाद दिखेगा दुर्लभ नजारा
12 अगस्त 2026 का ग्रहण स्पेन के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है। यहां 1905 के बाद पहली बार पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। ग्रहण के दौरान कुछ क्षेत्रों में लगभग 2 मिनट तक दिन में अंधेरा छा जाएगा।
खगोल प्रेमियों को इस दौरान डायमंड रिंग (Diamond Ring Effect) और सूर्य के कोरोना का शानदार दृश्य देखने का अवसर मिल सकता है। यही कारण है कि दुनिया भर के वैज्ञानिक और पर्यटक स्पेन पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं।
सूर्य ग्रहण 2026: तिथि और समय
| विवरण | समय |
|---|---|
| ग्रहण की तिथि | 12 अगस्त 2026 (सावन अमावस्या) |
| शुरुआत | 12 अगस्त 2026, रात 09:04 बजे (भारतीय समय) |
| समाप्ति | 13 अगस्त 2026, सुबह 04:25 बजे (भारतीय समय) |
| ग्रहण का प्रकार | पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) |
क्या भारत में लगेगा सूतक काल?
नहीं। चूंकि 12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए भारतीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल लागू नहीं होगा।
- मंदिरों के कपाट बंद नहीं होंगे।
- नियमित पूजा-पाठ और धार्मिक कार्य किए जा सकेंगे।
- किसी प्रकार के विशेष प्रतिबंध लागू नहीं होंगे।
किन देशों में दिखाई देगा पूर्ण सूर्य ग्रहण?
पूर्ण सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में दिखाई देगा—
- स्पेन (मैड्रिड, वालेंसिया और बेलिएरिक द्वीप समूह सहित)
- आइसलैंड (पश्चिमी तट और रेक्याविक)
- ग्रीनलैंड
- रूस के सुदूर उत्तरी एवं आर्कटिक क्षेत्र
- उत्तरी अटलांटिक महासागर
वहीं पश्चिमी यूरोप, कनाडा और उत्तरी अफ्रीका के कई हिस्सों में आंशिक सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा।
वैज्ञानिक दृष्टि से क्यों खास है यह ग्रहण?
पूर्ण सूर्य ग्रहण वैज्ञानिकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इस दौरान सूर्य के बाहरी वातावरण कोरोना (Corona) का अध्ययन किया जा सकता है। साथ ही, ग्रहण के दौरान तापमान में गिरावट, प्रकाश में बदलाव और पृथ्वी के वातावरण पर पड़ने वाले प्रभावों का भी अध्ययन किया जाता है।
निष्कर्ष
12 अगस्त 2026 का पूर्ण सूर्य ग्रहण इस वर्ष की सबसे बड़ी खगोलीय घटनाओं में से एक होगा। भारत में यह दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल लागू नहीं होगा। वहीं स्पेन सहित कुछ देशों में लगभग 100 साल बाद पूर्ण सूर्य ग्रहण का अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा, जो खगोल विज्ञान के शौकीनों के लिए बेहद खास अवसर साबित होगा।


