Vijay Kedia Investment Tips: शेयर बाजार में हर निवेशक अगले मल्टीबैगर स्टॉक की तलाश में रहता है, लेकिन दिग्गज निवेशक विजय केडिया का मानना है कि बड़ी दौलत बनाने का तरीका मल्टीबैगर खोजने में नहीं, बल्कि एक मजबूत बिजनेस में लंबे समय तक टिके रहने में है। उन्होंने अपने निवेश का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे ₹80 में खरीदा गया एक शेयर समय के साथ ₹16,400 के एडजस्टेड स्तर तक पहुंच गया।
Highlights
- ₹80 में खरीदा शेयर बोनस के बाद ₹16,400 के एडजस्टेड स्तर तक पहुंचा।
- 16 साल में कंपनी से करीब ₹250 प्रति शेयर का डिविडेंड मिला।
- विजय केडिया बोले- मल्टीबैगर पहले से पहचानना संभव नहीं।
- 50-60% गिरावट के बावजूद निवेश बनाए रखना ही असली परीक्षा।
- लंबी अवधि की कंपाउंडिंग से बनती है असली संपत्ति।
Vijay Kedia Investment Tips: मल्टीबैगर का राज शेयर चुनने में नहीं, धैर्य में है
शेयर बाजार में अक्सर निवेशक ऐसे स्टॉक्स की तलाश करते हैं जो 10 गुना, 20 गुना या 100 गुना रिटर्न दे सकें। लेकिन इस कोशिश में कई लोग बिना रिसर्च के निवेश कर बैठते हैं और नुकसान उठाते हैं।
प्रसिद्ध निवेशक विजय केडिया का कहना है कि उन्होंने कभी भी किसी शेयर को यह सोचकर नहीं खरीदा कि वह भविष्य में मल्टीबैगर बनेगा। उनके अनुसार, कोई भी निवेशक पहले से यह नहीं जान सकता कि कौन-सा शेयर आने वाले वर्षों में कई गुना रिटर्न देगा।
उनका फोकस हमेशा एक मजबूत बिजनेस, सक्षम मैनेजमेंट और लंबे समय तक निवेश बनाए रखने पर रहता है।
टॉर्च की रोशनी जैसा है निवेश
विजय केडिया निवेश को रात में टॉर्च लेकर चलने से जोड़ते हैं।
उनके मुताबिक, टॉर्च केवल 20-25 मीटर तक का रास्ता दिखाती है। पहले उतनी दूरी तय करनी होती है, फिर आगे का रास्ता दिखाई देता है। निवेश भी इसी तरह काम करता है। भविष्य पूरी तरह कभी दिखाई नहीं देता, लेकिन सही दिशा में लगातार आगे बढ़ते रहने से मंजिल तक पहुंचा जा सकता है।
वह निवेश से पहले खुद से सिर्फ एक सवाल पूछते हैं—
“क्या मैं इस कंपनी के शेयर अगले 10 साल तक अपने पास रख सकता हूं?”
अगर जवाब ‘हां’ होता है, तभी वह निवेश करते हैं।
₹80 से ₹16,400 तक पहुंची निवेश की कहानी
विजय केडिया ने अपने सबसे सफल निवेशों में से एक का उदाहरण साझा किया।
उन्होंने वर्ष 2005 में करीब ₹80 प्रति शेयर के भाव पर एक कंपनी के शेयर खरीदे।
इसके बाद शेयर की कीमत में कई उतार-चढ़ाव आए।
- पहले शेयर ₹250 तक पहुंचा।
- फिर गिरकर ₹50-60 तक आ गया।
- इसके बाद ₹600, ₹1,000 और ₹1,500 तक पहुंचा।
- फिर दोबारा गिरावट आई।
कोविड-19 महामारी के दौरान भी यह शेयर करीब ₹4,200 से गिरकर ₹1,700 तक आ गया, लेकिन उन्होंने एक भी शेयर नहीं बेचा।
उनका कहना है कि अगर बिजनेस मजबूत हो तो कीमतों की अस्थायी गिरावट से घबराना नहीं चाहिए।
सिर्फ डिविडेंड से निकल गई पूरी लागत
केडिया के अनुसार, 16 वर्षों में कंपनी ने करीब ₹250 प्रति शेयर का कुल डिविडेंड दिया।
यानी जितने भाव पर उन्होंने शेयर खरीदा था, उससे लगभग तीन गुना ज्यादा रकम केवल डिविडेंड के रूप में वापस मिल गई।
उन्होंने कहा कि इस स्थिति में उनकी मूल निवेश लागत लगभग निकल चुकी थी और एक तरह से उनके शेयर “मुफ्त” हो गए थे।
बाद में कंपनी ने 1:1 बोनस शेयर भी जारी किया। बोनस और अन्य कॉरपोरेट एक्शन्स को एडजस्ट करने के बाद उन्होंने अपना निवेश लगभग ₹16,400 प्रति शेयर के एडजस्टेड स्तर पर बेचा।
50-60% गिरावट झेलना ही असली चुनौती
विजय केडिया का मानना है कि शेयर बाजार में मल्टीबैगर ढूंढना सबसे कठिन काम नहीं है।
सबसे बड़ी चुनौती तब आती है जब निवेश 50-60% तक गिर जाता है और निवेशक घबराकर शेयर बेच देते हैं।
उनका कहना है कि यदि कंपनी का बिजनेस मजबूत है और उसके मूलभूत आधार (Fundamentals) नहीं बदले हैं, तो केवल कीमत गिरने से निवेश का फैसला नहीं बदलना चाहिए।
ट्रेन यात्रा से समझाया निवेश का सिद्धांत
विजय केडिया ने अपने निवेश दर्शन को समझाने के लिए एक दिलचस्प उदाहरण दिया।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति मुंबई से अहमदाबाद ट्रेन से जा रहा है और ट्रेन रास्ते में किसी स्टेशन पर देर तक रुक जाती है, तो उसका लक्ष्य नहीं बदलता। उसकी नजर मंजिल पर रहती है, न कि हर स्टेशन पर।
इसी तरह शेयर बाजार में भी रोजाना होने वाले उतार-चढ़ाव पर नहीं, बल्कि कंपनी के लंबे समय के विकास पर ध्यान देना चाहिए।
उनका मानना है कि अगर शेयर गिरकर फिर से खरीद कीमत तक लौट आता है और बिजनेस मजबूत बना रहता है, तो इससे निवेशक का भरोसा और मजबूत होना चाहिए।
लंबी अवधि की कंपाउंडिंग ही असली मल्टीबैगर बनाती है
विजय केडिया का कहना है कि निवेशक पहले से यह तय नहीं कर सकते कि कौन-सा शेयर मल्टीबैगर बनेगा। लेकिन वे ऐसे मजबूत बिजनेस जरूर चुन सकते हैं, जिनमें कई वर्षों तक टिके रहने की क्षमता हो।
उनके अनुसार, धैर्य, अनुशासन और कंपाउंडिंग की ताकत ही लंबी अवधि में साधारण निवेश को असाधारण रिटर्न में बदलती है।
Disclaimer
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी स्टॉक में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


