Tata Steel Q1 Results: टाटा ग्रुप की प्रमुख स्टील कंपनी टाटा स्टील ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 12% बढ़कर ₹2,318.4 करोड़ रहा। हालांकि यह बाजार के अनुमान से थोड़ा कम रहा, लेकिन कंपनी का रेवेन्यू उम्मीद से बेहतर रहा। मजबूत स्टील कीमतों और बेहतर ऑपरेटिंग प्रदर्शन की वजह से EBITDA में भी करीब 25% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि एक्सेप्शनल लॉस बढ़ने से कंपनी के मुनाफे पर कुछ दबाव देखने को मिला।
जून तिमाही में 12% बढ़ा कंपनी का मुनाफा
टाटा स्टील ने जून 2026 तिमाही में ₹2,318.4 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के ₹2,077.7 करोड़ से करीब 11.6% अधिक है।
हालांकि, यह प्रदर्शन बाजार की उम्मीदों से थोड़ा कमजोर रहा। CNBC-TV18 के अनुसार, विश्लेषकों ने करीब ₹2,391 करोड़ के मुनाफे का अनुमान लगाया था।
रेवेन्यू में 14% की मजबूत बढ़त
कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 14.3% बढ़कर ₹60,794.3 करोड़ हो गया। पिछले साल जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू लगभग ₹53,192 करोड़ था।
यह आंकड़ा बाजार के अनुमान ₹57,998 करोड़ से बेहतर रहा। कंपनी को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर स्टील कीमतों तथा मजबूत मांग का फायदा मिला।
EBITDA में 25% की छलांग
टाटा स्टील का EBITDA बढ़कर ₹9,264.3 करोड़ पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹7,428 करोड़ था। यानी ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 24.7% की वृद्धि दर्ज की गई।
कंपनी का EBITDA बाजार के अनुमान ₹9,252 करोड़ के लगभग बराबर रहा, जिससे स्पष्ट है कि ऑपरेटिंग स्तर पर प्रदर्शन मजबूत रहा।
EBITDA मार्जिन में भी सुधार
जून तिमाही में कंपनी का EBITDA मार्जिन 15.24% रहा, जबकि पिछले साल यह 14% था।
हालांकि, यह बाजार के 16% के अनुमान से थोड़ा कम रहा, लेकिन फिर भी मार्जिन में सुधार कंपनी के बेहतर लागत नियंत्रण और मजबूत ऑपरेशन को दर्शाता है।
एक्सेप्शनल लॉस बढ़ने से मुनाफे पर दबाव
तिमाही के दौरान टाटा स्टील ने ₹345.5 करोड़ का एक्सेप्शनल लॉस दर्ज किया। पिछले साल इसी अवधि में यह केवल ₹132 करोड़ था।
यानी एक्सेप्शनल लॉस में बड़ी बढ़ोतरी की वजह से कंपनी के अंतिम मुनाफे पर कुछ असर पड़ा। यदि यह नुकसान कम होता, तो नेट प्रॉफिट बाजार के अनुमान के और करीब हो सकता था।
टाटा स्टील शेयर का प्रदर्शन
तिमाही नतीजों के दिन टाटा स्टील का शेयर 0.15% की मामूली गिरावट के साथ ₹186.99 पर बंद हुआ।
शेयर के प्रदर्शन पर नजर डालें तो—
- पिछले 6 महीनों में करीब 3.18% की गिरावट
- पिछले 1 वर्ष में लगभग 15.88% का रिटर्न
- कंपनी का कुल मार्केट कैप लगभग ₹2.33 लाख करोड़
टाटा स्टील क्या करती है?
टाटा स्टील भारत की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी स्टील कंपनियों में शामिल है। कंपनी ऑटोमोबाइल, इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्माण, रेलवे, इंजीनियरिंग, ऊर्जा और घरेलू उपकरण उद्योगों के लिए विभिन्न प्रकार के स्टील उत्पाद बनाती है।
भारत के अलावा कंपनी का कारोबार यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों में भी फैला हुआ है। वैश्विक स्तर पर इसकी मजबूत उपस्थिति इसे देश की प्रमुख स्टील कंपनियों में शामिल करती है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
जून तिमाही के नतीजों में टाटा स्टील ने मजबूत रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रदर्शन दिखाया है। EBITDA और मार्जिन में सुधार यह संकेत देता है कि कंपनी का मुख्य कारोबार बेहतर स्थिति में है। हालांकि, बढ़े हुए एक्सेप्शनल लॉस की वजह से नेट प्रॉफिट बाजार के अनुमान से थोड़ा पीछे रहा।
यदि आने वाली तिमाहियों में स्टील की कीमतें मजबूत रहती हैं और लागत नियंत्रण जारी रहता है, तो कंपनी के प्रदर्शन में और सुधार देखने को मिल सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।


