Gurugram New Metro Corridor: गुरुग्राम में रहने वाले लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। शहर में जल्द ही 28.5 किलोमीटर लंबा नया मेट्रो कॉरिडोर तैयार होने जा रहा है, जिससे पुराने और नए गुरुग्राम के बीच कनेक्टिविटी पहले से कहीं बेहतर होगी। इस नई परियोजना के पूरा होने के बाद यात्रियों को एक मेट्रो लाइन से दूसरी लाइन पर बिना स्टेशन से बाहर निकले इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी। साथ ही जिन इलाकों में अब तक मेट्रो नहीं पहुंची थी, वहां भी पहली बार मेट्रो सेवा उपलब्ध होगी।
इस परियोजना को गुरुग्राम के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। आधुनिक इंटरचेंज स्टेशन, डबल डेकर एलिवेटेड ट्रैक और मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब जैसी सुविधाएं इसे देश की आधुनिक मेट्रो परियोजनाओं में शामिल करेंगी।
28.5 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में होंगे 27 स्टेशन
रिपोर्ट के अनुसार, नया मेट्रो कॉरिडोर 28.5 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें 27 स्टेशन बनाए जाएंगे। इसकी शुरुआत मिलेनियम सिटी सेंटर से होगी, जहां पहले से दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन उपलब्ध है।
इसके बाद यह मेट्रो लाइन निम्न प्रमुख क्षेत्रों से होकर गुजरेगी—
- सेक्टर-45
- साइबर पार्क
- सुभाष चौक
- पालम विहार
- उद्योग विहार फेज-1
- साइबर सिटी
- सेक्टर-101 (द्वारका एक्सप्रेसवे स्पर)
इस रूट के शुरू होने से रोजाना लाखों यात्रियों को तेज, सुविधाजनक और निर्बाध यात्रा का लाभ मिलेगा।
बिना स्टेशन से बाहर निकले बदल सकेंगे मेट्रो
नई परियोजना की सबसे बड़ी खासियत आधुनिक इंटरचेंज स्टेशन होंगे।
साइबर सिटी इंटरचेंज
साइबर सिटी स्टेशन पर यात्री एक ही परिसर के अंदर—
- नई जीएमआरएल मेट्रो
- मौजूदा रैपिड मेट्रो
- भविष्य के दिल्ली-अलवर रैपिड रेल कॉरिडोर
के बीच आसानी से ट्रेन बदल सकेंगे।
मिलेनियम सिटी सेंटर इंटरचेंज
यहां दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन के साथ प्लेटफॉर्म-टू-प्लेटफॉर्म इंटरचेंज बनाया जाएगा। इससे यात्रियों को ट्रेन बदलने के लिए स्टेशन से बाहर निकलने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे समय की भी बचत होगी।
कई परिवहन सेवाओं से जुड़ेगी नई मेट्रो
इस कॉरिडोर को केवल मेट्रो तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे अन्य परिवहन नेटवर्क से भी जोड़ा जाएगा।
परियोजना के तहत—
- सुभाष चौक पर प्रस्तावित भोंडसी मेट्रो लाइन
- हीरो होंडा चौक पर दिल्ली-एसएनबी आरआरटीएस
- सेक्टर-5 स्थित गुरुग्राम रेलवे स्टेशन
- सेक्टर-10 के प्रस्तावित मेगा बस टर्मिनल
को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
इससे यात्रियों को अलग-अलग परिवहन साधनों के बीच सफर करना पहले से कहीं अधिक आसान होगा।
फ्लाईओवर के ऊपर बनेगा डबल डेकर मेट्रो ट्रैक
पुराने गुरुग्राम में जमीन की कमी को देखते हुए गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) ने अनोखा डिजाइन तैयार किया है।
सेक्टर-7 से साइबर सिटी के बीच—
- डबल डेकर एलिवेटेड ट्रैक
- फ्लाईओवर के ऊपर मेट्रो लाइन
- कम भूमि अधिग्रहण
- निर्माण के दौरान कम ट्रैफिक बाधा
जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
यह डिजाइन विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले इलाकों में निर्माण को आसान बनाएगा।
इन इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा
नई मेट्रो परियोजना से गुरुग्राम के कई घनी आबादी वाले क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
इनमें प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं—
- सेक्टर-3
- सेक्टर-4
- सेक्टर-5
- सेक्टर-7
- सेक्टर-9
- बसई
- पालम विहार
इसके अलावा बसई गांव से सेक्टर-101 तक बनने वाले लिंक के जरिए तेजी से विकसित हो रहे द्वारका एक्सप्रेसवे को भी सीधा मेट्रो कनेक्शन मिलेगा।
तेजी से चल रहा निर्माण कार्य
परियोजना का पहला चरण तेजी से आगे बढ़ रहा है।
- पहले चरण की लागत करीब 1,503 करोड़ रुपये
- पहले चरण में 15.2 किलोमीटर लंबे हिस्से का निर्माण
- कास्टिंग यार्ड शुरू हो चुके हैं
- जीएमडीए कार्यालय से हीरो होंडा चौक तक पाइलिंग और पिलर निर्माण जारी
गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड के अनुसार मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक का कॉरिडोर अगस्त 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक 21 जुलाई तक पूरी परियोजना का लगभग 11 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका था।
गुरुग्राम की ट्रैफिक समस्या को मिलेगी राहत
नई मेट्रो लाइन के शुरू होने के बाद सड़क यातायात पर दबाव कम होने की उम्मीद है। ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को तेज और आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा। साथ ही शहर के पुराने और नए हिस्सों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी से आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।


