Lodha Developers Share Price: रियल एस्टेट सेक्टर की दिग्गज कंपनी लोढ़ा डेवलपर्स (Lodha Developers) के शेयरों में मंगलवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। जून तिमाही (Q1 FY27) के शानदार नतीजों और ग्लोबल ब्रोकरेज मॉर्गन स्टेनली के बुलिश आउटलुक के बाद कंपनी का शेयर इंट्राडे कारोबार में 8% से अधिक उछल गया। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर ‘Overweight’ रेटिंग बरकरार रखते हुए इसका टारगेट प्राइस ₹1,450 कर दिया है, जो मौजूदा स्तर से करीब 28% की संभावित तेजी का संकेत देता है।
Highlights
- जून तिमाही के नतीजों के बाद 8% से ज्यादा उछला शेयर।
- मॉर्गन स्टेनली ने दी ‘Overweight’ रेटिंग।
- टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹1,450 किया।
- नेट प्रॉफिट दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹1,370 करोड़ पहुंचा।
- रेवेन्यू 43% बढ़कर ₹5,000 करोड़ रहा।
- EBITDA में 79% की शानदार बढ़ोतरी।
- FY27 के लिए ₹24,000 करोड़ का प्री-सेल्स गाइडेंस बरकरार।
तिमाही नतीजों ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा
लोढ़ा डेवलपर्स के जून तिमाही के वित्तीय नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर ₹680 करोड़ से बढ़कर ₹1,370 करोड़ हो गया, यानी मुनाफा दोगुने से भी अधिक रहा।
वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 43% बढ़कर ₹5,000 करोड़ पहुंच गया। इसके अलावा EBITDA 79% बढ़कर ₹2,150 करोड़ रहा, जबकि EBITDA मार्जिन बढ़कर 43% पर पहुंच गया। मजबूत मुनाफा और बेहतर मार्जिन ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिसका असर शेयर कीमत पर साफ दिखाई दिया।
मॉर्गन स्टेनली क्यों है इतना बुलिश?
ग्लोबल ब्रोकरेज मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि भारत का रेजिडेंशियल रियल एस्टेट सेक्टर अब “Phase II” में प्रवेश कर चुका है। इस चरण में निवेशकों का फोकस केवल प्री-सेल्स ग्रोथ पर नहीं बल्कि ऑपरेटिंग कैश फ्लो (EV/OCF) और EPS ग्रोथ पर रहेगा।
ब्रोकरेज को उम्मीद है कि लोढ़ा अगले पांच वर्षों में लगभग 20% EPS CAGR हासिल कर सकती है। इसमें कंपनी के हाई-मार्जिन डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस से मिलने वाली ग्रोथ अहम भूमिका निभाएगी।
मॉर्गन स्टेनली ने यह भी कहा कि कंपनी का शेयर FY28 के अनुमानित मुनाफे के लगभग 24 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जबकि लिस्टिंग (2021) के बाद इसका औसत वैल्यूएशन करीब 27 गुना रहा है। ऐसे में मौजूदा वैल्यूएशन निवेशकों के लिए आकर्षक माना जा सकता है।
प्री-सेल्स ग्रोथ धीमी, लेकिन कैश फ्लो मजबूत
हालांकि कंपनी की प्री-सेल्स ग्रोथ अपेक्षाकृत धीमी रही।
- जून तिमाही में प्री-सेल्स ₹4,630 करोड़ रही, जो सालाना आधार पर 4% अधिक है।
- गैर-मुंबई बाजारों (पुणे और बेंगलुरु सहित) का योगदान घटकर ₹420 करोड़ रह गया, जो पिछले छह तिमाहियों का सबसे निचला स्तर है।
- औसत बिक्री मूल्य (Average Selling Price) में 3% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इसके बावजूद कंपनी का कलेक्शन 46% बढ़कर ₹4,210 करोड़ पहुंच गया। मजबूत नकदी प्रवाह की बदौलत कंपनी ने अपना नेट डेट ₹450 करोड़ घटाकर ₹4,930 करोड़ कर लिया।
FY27 के लिए गाइडेंस बरकरार
कंपनी के मैनेजमेंट ने वित्त वर्ष 2027 के लिए ₹24,000 करोड़ के प्री-सेल्स गाइडेंस को बरकरार रखा है।
मैनेजमेंट का अनुमान है कि पूरे साल के प्री-सेल्स लक्ष्य का 40% से थोड़ा अधिक योगदान पहली छमाही में ही आ जाएगा। आने वाली तिमाहियों में नए प्रोजेक्ट लॉन्च होने से बिक्री में और तेजी आने की उम्मीद जताई गई है।
एनालिस्ट्स की राय क्या कहती है?
लोढ़ा डेवलपर्स को कवर करने वाले 20 एनालिस्ट्स में से—
- 18 ने Buy रेटिंग दी है।
- 2 ने Hold की सलाह दी है।
- किसी भी प्रमुख एनालिस्ट ने Sell रेटिंग नहीं दी है।
वहीं, एक्सिस कैपिटल सबसे ज्यादा बुलिश नजर आया है और उसने शेयर के लिए ₹1,460 का सबसे ऊंचा टारगेट प्राइस दिया है।
क्या निवेशकों के लिए मौका है?
मजबूत तिमाही नतीजे, तेजी से बढ़ता मुनाफा, बेहतर कैश फ्लो, घटता कर्ज और डेटा सेंटर बिजनेस में विस्तार की योजनाओं ने लोढ़ा डेवलपर्स को एक बार फिर निवेशकों की नजर में ला दिया है। हालांकि, रियल एस्टेट सेक्टर में मांग, ब्याज दरों और प्रोजेक्ट लॉन्च की गति जैसे कारक आगे भी शेयर की चाल तय करेंगे।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।


