SpaceX Share Price: दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपति एलॉन मस्क की स्पेस कंपनी SpaceX ने शेयर बाजार में धमाकेदार शुरुआत की थी, लेकिन अब कंपनी के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। रिकॉर्ड हाई से करीब 50% टूट चुके शेयर ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इस गिरावट का असर एलॉन मस्क की कुल संपत्ति पर भी पड़ा है और वह अब कथित तौर पर ट्रिलेनियर क्लब से बाहर हो गए हैं। आखिर SpaceX के शेयर क्यों टूट रहे हैं और आगे निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए? आइए विस्तार से जानते हैं।
हाईलाइट्स
- रिकॉर्ड हाई से करीब 50% टूटा SpaceX का शेयर
- बढ़ते खर्च और भारी नेट लॉस से निवेशक चिंतित
- Starship टेस्ट फ्लाइट रद्द होने से भी बढ़ा दबाव
- 4 अगस्त के तिमाही नतीजों और 6 अगस्त की लॉक-अप एक्सपायरी पर नजर
रिकॉर्ड हाई से आधा रह गया SpaceX का शेयर
एलॉन मस्क की स्पेस कंपनी SpaceX ने आईपीओ के दौरान निवेशकों को 135 डॉलर प्रति शेयर के भाव पर शेयर आवंटित किए थे। 12 जून को कंपनी की शानदार लिस्टिंग हुई और शेयर 150 डॉलर पर बाजार में आया।
पहले ही कारोबारी दिन यह 176.52 डॉलर तक पहुंच गया और 160.95 डॉलर पर बंद हुआ। इसके बाद महज दो कारोबारी दिनों में 16 जून को शेयर ने 225.64 डॉलर का ऑल-टाइम हाई बना लिया।
हालांकि, तेजी ज्यादा समय तक नहीं टिक सकी। अब यह शेयर 113.50 डॉलर तक फिसल चुका है, जो अपने रिकॉर्ड हाई से लगभग 49.70% नीचे है। वहीं, 27 जुलाई को इंट्रा-डे ट्रेडिंग के दौरान इसने 108.66 डॉलर का निचला स्तर भी छू लिया।
एलॉन मस्क की संपत्ति पर भी पड़ा असर
SpaceX की तेज रैली के दौरान एलॉन मस्क की नेटवर्थ में जबरदस्त उछाल आया था और उन्हें दुनिया का पहला ट्रिलेनियर बताया जाने लगा था। लेकिन शेयरों में आई भारी गिरावट ने उनकी संपत्ति को भी प्रभावित किया।
24 जुलाई को एलॉन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मजाकिया अंदाज में पोस्ट करते हुए खुद को “Former Trillionaire” (पूर्व ट्रिलेनियर) बताया।
आखिर क्यों टूट रहा है SpaceX का शेयर?
कंपनी के आईपीओ दस्तावेजों और जून 2026 तिमाही के नतीजों से निवेशकों को पहली बार कंपनी के खर्च और मुनाफे की वास्तविक तस्वीर देखने को मिली।
मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं—
- जून तिमाही में लगभग 430 करोड़ डॉलर का नेट लॉस
- कुल 470 करोड़ डॉलर का रेवेन्यू
- 1,010 करोड़ डॉलर का कैपिटल एक्सपेंडिचर
- इनमें से 772 करोड़ डॉलर केवल AI प्रोजेक्ट्स पर खर्च
जब शेयर तेजी से ऊपर जा रहे थे, तब निवेशकों ने इन भारी निवेशों को भविष्य की ग्रोथ मानकर नजरअंदाज किया। उस समय एलॉन मस्क के इस अनुमान ने भी उत्साह बढ़ाया था कि 2030 तक SpaceX सालाना 1 ट्रिलियन डॉलर का रेवेन्यू हासिल कर सकती है, जो 2025 के मुकाबले कई गुना अधिक होगा।
लेकिन अब बाजार का फोकस कंपनी की कैश बर्न, बढ़ते खर्च और मुनाफे की कमी पर आ गया है, जिससे शेयरों पर दबाव बढ़ा है।
Starship प्रोजेक्ट से भी जुड़ी चिंता
SpaceX के लिए Starship कंपनी का सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट माना जाता है। यही रॉकेट भविष्य में मंगल मिशन, डीप स्पेस मिशन और कई एडवांस्ड टेक्नोलॉजी योजनाओं की आधारशिला माना जा रहा है।
हाल ही में Starship की 13वीं टेस्ट फ्लाइट रद्द होने से निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस खबर के बाद कंपनी के मार्केट कैप में लगभग 10,000 करोड़ डॉलर की गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि Starship प्रोग्राम में देरी होने से कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ पर असर पड़ सकता है।
आगे किन घटनाओं पर रहेगी बाजार की नजर?
SpaceX के शेयरों की अगली दिशा तय करने में अगस्त का पहला सप्ताह बेहद अहम माना जा रहा है।
1. 4 अगस्त को आएंगे तिमाही नतीजे
कंपनी पहली बार एक सूचीबद्ध (Listed) कंपनी के रूप में अपने वित्तीय नतीजे जारी करेगी। निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी घाटा कम कर पाती है या नहीं और भविष्य का आउटलुक क्या रहता है।
2. 6 अगस्त को लॉक-अप एक्सपायरी
6 अगस्त को कंपनी की Lock-up Period समाप्त होगी। इसके बाद शुरुआती निवेशकों और कर्मचारियों के लाखों शेयर बाजार में बिकने के लिए उपलब्ध हो सकते हैं।
यदि बड़ी संख्या में शेयरों की बिकवाली होती है, तो शेयर पर अतिरिक्त दबाव देखने को मिल सकता है।
एनालिस्ट्स की क्या है राय?
मार्केट रिसर्च प्लेटफॉर्म TradingKey के अनुसार, SpaceX को कवर करने वाले 31 एनालिस्ट्स ने अगले 12 महीनों के लिए औसत 235.18 डॉलर का टारगेट प्राइस दिया है।
- औसत टारगेट: 235.18 डॉलर
- सबसे ऊंचा टारगेट: 800 डॉलर
- सबसे कम टारगेट: 115 डॉलर
वहीं, SpaceX में शुरुआती निवेश करने वाली Atreides Management के मुख्य निवेश अधिकारी गैविन बेकर का कहना है कि आईपीओ के बाद शुरुआती महीनों में तेज उतार-चढ़ाव सामान्य बात होती है और लंबी अवधि के निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है।
क्या निवेशकों को चिंता करनी चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल SpaceX के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं—
- लगातार बढ़ता पूंजीगत खर्च (Capex)
- घाटे से मुनाफे की ओर बढ़ने की क्षमता
यदि कंपनी आने वाली तिमाहियों में खर्च पर नियंत्रण रखती है, Starship प्रोग्राम में प्रगति दिखाती है और राजस्व वृद्धि जारी रहती है, तो शेयर में फिर से तेजी लौट सकती है। हालांकि अल्पावधि में परिणाम, लॉक-अप एक्सपायरी और निवेशकों की धारणा शेयर की चाल तय करेंगे।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


