Johnson & Johnson Settlement Offer: अमेरिका की दिग्गज हेल्थकेयर कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन (J&J) ने अपने खिलाफ चल रहे हजारों मुकदमों को खत्म करने के लिए बड़ा ऑफर दिया है। कंपनी ने टैल्क बेस्ड बेबी पाउडर और दूसरे उत्पादों से कैंसर होने के आरोपों से जुड़े मामलों को निपटाने के लिए करीब 5.5 अरब डॉलर (लगभग ₹5,26,67,23,00,000) तक भुगतान करने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि कंपनी ने इन सभी आरोपों को लगातार खारिज किया है।
76 हजार से ज्यादा मामलों को सुलझाने की कोशिश
न्यू जर्सी स्थित जॉनसन एंड जॉनसन कई वर्षों से कानूनी विवादों का सामना कर रही है। कंपनी के खिलाफ हजारों लोगों ने मुकदमे दायर किए हैं। इन मामलों में आरोप लगाया गया है कि कंपनी के बेबी पाउडर और टैल्क आधारित उत्पादों में मौजूद तत्वों के कारण महिलाओं में ओवेरियन कैंसर (अंडाशय का कैंसर) और अन्य गंभीर बीमारियां हुईं।
कंपनी के लिटिगेशन मामलों के वाइस प्रेसिडेंट एरिक हास ने कहा कि कंपनी आरोपों को गलत मानती है, लेकिन लंबे समय से चल रहे मुकदमों को खत्म करने के लिए समझौते का रास्ता अपनाना चाहती है।
प्रस्तावित समझौते में करीब 76,000 मामले शामिल हो सकते हैं। कंपनी का कहना है कि यह टैल्क से जुड़े ज्यादातर दावों को कवर करेगा और इससे भविष्य में कानूनी अनिश्चितता कम होगी।
कंपनी ने आरोपों से किया इनकार
जॉनसन एंड जॉनसन ने साफ कहा है कि उसके टैल्क आधारित उत्पाद सुरक्षित रहे हैं और कैंसर से उनका संबंध साबित नहीं हुआ है। कंपनी का कहना है कि उसके उत्पादों में एस्बेस्टस की मौजूदगी के आरोपों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।
हालांकि, कई ग्राहकों और उनके परिवारों ने अदालतों में दावा किया कि कंपनी के उत्पादों में एस्बेस्टस की मिलावट के कारण उन्हें कैंसर हुआ।
क्या है टैल्क और क्यों उठा विवाद?
टैल्क एक प्राकृतिक मिनरल है, जिसमें मुख्य रूप से मैग्नीशियम, सिलिकॉन, ऑक्सीजन और हाइड्रोजन पाए जाते हैं। यह छूने में मुलायम और साबुन जैसा महसूस होता है, इसलिए इसका इस्तेमाल लंबे समय से बेबी पाउडर और कॉस्मेटिक उत्पादों में किया जाता रहा है।
विवाद इसलिए शुरू हुआ क्योंकि टैल्क कई बार जमीन से एस्बेस्टस के आसपास पाया जाता है। एस्बेस्टस को एक खतरनाक पदार्थ माना जाता है, जिसके संपर्क में आने से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
2009 से चल रहे हैं मुकदमे
जॉनसन एंड जॉनसन के टैल्क आधारित बेबी पाउडर को लेकर कानूनी मामले वर्ष 2009 से सामने आने लगे थे। इसके बाद अमेरिका में हजारों लोगों ने कंपनी के खिलाफ अदालत का रुख किया।
कई मामलों में अदालतों ने पीड़ितों के पक्ष में फैसले भी दिए, जिसके बाद कंपनी पर कानूनी दबाव बढ़ता गया।
अमेरिका में पहले ही बंद कर चुकी है बिक्री
कंपनी ने वर्ष 2020 में अमेरिका और कनाडा में टैल्क आधारित बेबी पाउडर की बिक्री बंद कर दी थी। इसके बाद साल 2022 में जॉनसन एंड जॉनसन ने दुनिया भर में अपने टैल्क आधारित बेबी पाउडर का उत्पादन और बिक्री बंद करने का फैसला किया।
कंपनी ने इसके बाद कॉर्नस्टार्च आधारित बेबी पाउडर लॉन्च किया, जिसे उसने टैल्क आधारित उत्पादों के विकल्प के रूप में पेश किया।
कंपनी का लक्ष्य कानूनी विवाद खत्म करना
जॉनसन एंड जॉनसन का कहना है कि वह इस समझौते के जरिए पुराने विवादों को खत्म कर अपने मुख्य कारोबार पर ध्यान देना चाहती है। कंपनी का फोकस नई दवाओं, मेडिकल डिवाइस और हेल्थकेयर इनोवेशन पर है।
हालांकि इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए उन कानूनी फर्मों की सहमति जरूरी होगी, जो ओवेरियन कैंसर से जुड़े करीब 95% दावों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
जॉनसन एंड जॉनसन के लिए बड़ा वित्तीय बोझ
अगर यह समझौता मंजूर हो जाता है तो यह कॉर्पोरेट इतिहास के सबसे बड़े प्रोडक्ट लायबिलिटी सेटलमेंट में से एक हो सकता है। कंपनी के लिए यह रकम बड़ी है, लेकिन लंबे समय तक चलने वाली कानूनी लड़ाई और अनिश्चितता को खत्म करने के लिए इसे एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
निष्कर्ष
जॉनसन एंड जॉनसन ने भले ही कैंसर के आरोपों को स्वीकार नहीं किया है, लेकिन हजारों मुकदमों से छुटकारा पाने के लिए अरबों डॉलर के समझौते का प्रस्ताव दिया है। अब नजर इस बात पर होगी कि क्या पीड़ितों का प्रतिनिधित्व करने वाली कानूनी फर्में इस प्रस्ताव को स्वीकार करती हैं या नहीं।


