China LNG Import: ईरान-इजरायल संघर्ष के दौरान जिस तरह चीन ने पहले से जमा किए गए कच्चे तेल के भंडार के दम पर वैश्विक ऊर्जा संकट का असर काफी हद तक झेला, अब वही रणनीति वह लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) के मामले में अपनाता दिखाई दे रहा है। फरवरी के बाद से चीन का LNG आयात चार गुना से अधिक बढ़ चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि बीजिंग भविष्य में संभावित भू-राजनीतिक तनाव, ऊर्जा आपूर्ति में बाधा और कीमतों में उछाल से बचने के लिए पहले से तैयारी कर रहा है।
फरवरी के बाद चार गुना बढ़ गया LNG आयात
हाल के सप्ताहों में चीन ने एलएनजी की खरीद में जबरदस्त तेजी दिखाई है। 19 जुलाई को समाप्त सप्ताह में देश की साप्ताहिक LNG डिलीवरी 137% बढ़कर लगभग 20 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गई, जो पिछले 22 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है।
फरवरी के मध्य से अब तक चीन का LNG आयात चार गुना से अधिक बढ़ चुका है। खास बात यह है कि फरवरी 2025 के बाद पहली बार अमेरिका से भी LNG कार्गो चीन पहुंचा, जिससे संकेत मिलता है कि चीन ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की दिशा में भी काम कर रहा है।
जून में भी जारी रही तेजी
चीन के सीमा शुल्क आंकड़ों के अनुसार, जून में देश का LNG आयात 5.68 मिलियन टन रहा, जो पिछले साल की तुलना में 8.3% अधिक है। यह लगातार दूसरा महीना है जब LNG आयात में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
विश्लेषकों का कहना है कि चीन की गैस मांग में सुधार, उद्योगों की बढ़ती गतिविधियां और रणनीतिक भंडारण की नीति इस तेजी के प्रमुख कारण हैं।
कहां से खरीद रहा है चीन LNG?
जुलाई के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार चीन के LNG आयात में विभिन्न देशों की हिस्सेदारी इस प्रकार रही:
| देश | अनुमानित हिस्सेदारी |
|---|---|
| ऑस्ट्रेलिया | 43% |
| मलेशिया | प्रमुख आपूर्तिकर्ता |
| रूस | लगातार बढ़ती आपूर्ति |
| कतर | दीर्घकालिक अनुबंध |
| अमेरिका | लंबे अंतराल के बाद फिर से आपूर्ति |
ऑस्ट्रेलिया अभी भी चीन का सबसे बड़ा LNG सप्लायर बना हुआ है, जबकि रूस से पाइपलाइन गैस और LNG दोनों के जरिए आपूर्ति लगातार बढ़ रही है।
तेजी से बढ़ा रहा है स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर
सिर्फ LNG खरीदना ही नहीं, बल्कि चीन उसके भंडारण की क्षमता भी तेजी से बढ़ा रहा है।
वर्तमान में:
- चीन की LNG स्टोरेज क्षमता 25.4 मिलियन क्यूबिक मीटर है।
- देश के तटीय इलाकों में 100 से अधिक LNG स्टोरेज टैंक मौजूद हैं।
- 2.4 लाख से 2.7 लाख क्यूबिक मीटर क्षमता वाले अल्ट्रा-लार्ज LNG टैंक बनाए जा रहे हैं।
- राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नए LNG टर्मिनल और स्टोरेज सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
आखिर चीन इतनी तेजी से LNG क्यों खरीद रहा है?
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे कई रणनीतिक कारण हो सकते हैं।
1. भविष्य के भू-राजनीतिक संकट की तैयारी
ईरान-इजरायल संघर्ष और वैश्विक तनाव ने दिखा दिया कि ऊर्जा आपूर्ति अचानक प्रभावित हो सकती है। चीन पहले से स्टॉक बनाकर जोखिम कम करना चाहता है।
2. कीमतों में संभावित उछाल से बचाव
यदि वैश्विक बाजार में LNG महंगी होती है तो पहले से खरीदा गया स्टॉक चीन को आर्थिक राहत देगा।
3. ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करना
चीन अपनी अर्थव्यवस्था को लगातार ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए तेल और गैस दोनों का रणनीतिक भंडार बढ़ा रहा है।
4. आयात स्रोतों में विविधता
बीजिंग केवल खाड़ी देशों पर निर्भर नहीं रहना चाहता। इसलिए वह ऑस्ट्रेलिया, रूस, अमेरिका, मलेशिया और कतर सहित कई देशों से LNG खरीद रहा है।
5. उद्योगों और बिजली क्षेत्र की बढ़ती मांग
चीन में गैस आधारित बिजली उत्पादन और औद्योगिक खपत लगातार बढ़ रही है, जिससे LNG की मांग भी मजबूत बनी हुई है।
कच्चे तेल के बाद अब LNG पर भी फोकस
ईरान संघर्ष से पहले चीन ने बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदकर अपने रणनीतिक भंडार भर लिए थे। इसी वजह से युद्ध के दौरान वैश्विक तेल कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचने के बावजूद चीन पर अपेक्षाकृत कम असर पड़ा।
अब वही रणनीति LNG के मामले में भी दिखाई दे रही है। बड़े पैमाने पर आयात और स्टोरेज क्षमता का विस्तार यह संकेत देता है कि चीन भविष्य के किसी भी ऊर्जा संकट के लिए पहले से तैयारी कर रहा है।
भारत और वैश्विक बाजार पर क्या असर पड़ सकता है?
यदि चीन इसी गति से LNG की खरीद जारी रखता है तो अंतरराष्ट्रीय LNG बाजार में मांग बढ़ सकती है। इसका असर एशियाई स्पॉट LNG कीमतों पर पड़ सकता है। भारत, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे बड़े आयातक देशों के लिए भविष्य में गैस खरीद महंगी हो सकती है, खासकर सर्दियों के मौसम में जब वैश्विक मांग बढ़ जाती है।
निष्कर्ष
चीन का तेजी से बढ़ता LNG आयात केवल बढ़ती घरेलू मांग का संकेत नहीं है, बल्कि यह उसकी दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है। जिस तरह उसने पहले कच्चे तेल का बड़ा भंडार बनाकर वैश्विक संकट के दौरान खुद को सुरक्षित रखा था, उसी तरह अब LNG का स्टॉक बढ़ाकर वह भविष्य में किसी भी आपूर्ति संकट या कीमतों में उछाल से बचने की तैयारी कर रहा है।


