Share Market Rally: भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को शानदार वापसी करते हुए लगातार पांच कारोबारी दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया। वैश्विक तनाव में कमी, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी के दम पर बाजार में मजबूत तेजी देखने को मिली। दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स 800 अंकों से अधिक उछल गया, जबकि निफ्टी 50 24,000 के स्तर के बेहद करीब पहुंच गया। इसके साथ ही मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे निवेशकों का भरोसा लौटता नजर आया।
एक कारोबारी दिन पहले यानी 24 जुलाई को सेंसेक्स 331.62 अंक (0.43%) टूटकर 76,059.77 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 50 102.15 अंक (0.43%) की गिरावट के साथ 23,767.45 पर बंद हुआ था। हालांकि सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बाजार ने मजबूत गैप-अप ओपनिंग के साथ शानदार रिकवरी दिखाई।
दोपहर 2:15 बजे तक सेंसेक्स 808.12 अंक (1.06%) की बढ़त के साथ 76,867.89 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 50 228.60 अंक (0.96%) चढ़कर 23,996.05 पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 23,999.15 और सेंसेक्स ने 76,867.89 का इंट्राडे हाई भी छुआ।
बाजार में तेजी की 5 बड़ी वजहें
1. अमेरिका-ईरान तनाव में कमी
हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव ने वैश्विक बाजारों पर दबाव बनाया था। हालांकि अब दोनों देशों के बीच हमलों में कमी आने से निवेशकों की चिंता घटी है। भू-राजनीतिक जोखिम कम होने के संकेत मिलते ही वैश्विक शेयर बाजारों में सकारात्मक माहौल बना, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।
2. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
मध्य पूर्व में तनाव कम होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड करीब 5% फिसलकर 86 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए सस्ता कच्चा तेल महंगाई और आयात बिल पर राहत देता है। यही वजह रही कि बाजार में निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
3. डॉलर इंडेक्स कमजोर पड़ा
अमेरिका द्वारा ईरान पर बमबारी रोकने के बाद वैश्विक निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान बढ़ा। इसका असर डॉलर पर भी पड़ा और डॉलर इंडेक्स करीब 101.2 के स्तर पर कमजोर दिखाई दिया। कमजोर डॉलर का फायदा उभरते बाजारों को मिलता है, क्योंकि विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी ऐसे बाजारों में बढ़ सकती है।
4. India VIX में तेज गिरावट
बाजार की अस्थिरता मापने वाला India VIX सोमवार को करीब 5.63% गिरकर 13.24 पर आ गया। VIX में गिरावट इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में बाजार में उतार-चढ़ाव कम रहने की उम्मीद है। निवेशकों के लिए यह एक सकारात्मक संकेत माना जाता है और इससे खरीदारी का माहौल मजबूत होता है।
5. IT शेयरों में जबरदस्त खरीदारी
सोमवार की तेजी का सबसे बड़ा आधार आईटी सेक्टर रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 2.5% की तेजी दर्ज की गई। बड़े आईटी शेयरों में खरीदारी के चलते पूरे बाजार को मजबूती मिली। इसके अलावा एफएमसीजी, फार्मा और रियल्टी सेक्टर के इंडेक्स भी 1% से अधिक मजबूत रहे। बैंकिंग सेक्टर में भी सरकारी और निजी बैंकों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी लौटी रौनक
केवल बड़े शेयर ही नहीं बल्कि व्यापक बाजार में भी तेजी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 दोनों इंडेक्स 1% से अधिक मजबूत रहे। इससे साफ संकेत मिला कि निवेशकों का भरोसा सिर्फ लार्जकैप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी बढ़ी।
आगे बाजार की नजर किन बातों पर रहेगी?
विश्लेषकों के अनुसार आने वाले दिनों में बाजार की दिशा कई अहम कारकों पर निर्भर करेगी। इनमें वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों का रुख, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां, विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियां और कंपनियों के तिमाही नतीजे प्रमुख रहेंगे। यदि वैश्विक माहौल सकारात्मक बना रहता है और आईटी सहित अन्य सेक्टरों में खरीदारी जारी रहती है तो बाजार में रिकवरी आगे भी जारी रह सकती है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
पांच दिनों की लगातार गिरावट के बाद आई यह तेजी निवेशकों के लिए राहत लेकर आई है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि केवल एक दिन की तेजी को नए बुल ट्रेंड का संकेत मानना जल्दबाजी होगी। निवेशकों को बेहतर गुणवत्ता वाले शेयरों में चरणबद्ध निवेश की रणनीति अपनानी चाहिए और बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए लंबी अवधि का नजरिया बनाए रखना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


