Raveena Tandon: बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन ने हाल ही में देशभर में हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मिजोरम में छात्रों द्वारा किए गए शांतिपूर्ण प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आंदोलनों ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की मिसाल पेश की है। हालांकि, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राज्यों में छात्र आंदोलनों को उपद्रवी तत्वों और राजनीतिक दलों ने अपने हितों के लिए हाईजैक कर लिया, जबकि कुछ लोग केवल सोशल मीडिया पर रील्स बनाने और सुर्खियां बटोरने के उद्देश्य से वहां पहुंचे थे।
छात्र आंदोलनों पर रवीना टंडन का बयान
रवीना टंडन ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर कई तस्वीरें साझा करते हुए छात्रों के आंदोलन पर विस्तार से अपनी राय रखी। उन्होंने लिखा कि उन्हें उम्मीद है कि आखिरकार छात्रों की आवाज सुनी जा रही है और यह आंदोलन देश की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव का कारण बन सकता है।
उन्होंने कहा कि हाल के छात्र प्रदर्शन यह साबित करते हैं कि युवा पीढ़ी अपने भविष्य और शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर है। रवीना ने इसे लोकतंत्र की मजबूती का संकेत बताया।
पर्यावरण और शिक्षा दोनों पर जताई चिंता
अपने पोस्ट में रवीना टंडन ने केवल शिक्षा व्यवस्था ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि अब तक पर्यावरण, वन्यजीवों, पेड़ों की कटाई और सामुदायिक हितों से जुड़े कई विरोध प्रदर्शन अपेक्षित परिणाम नहीं ला सके।
उन्होंने लिखा,
“खुशी और गर्व है कि आखिरकार लोगों की आवाज सुनी जा रही है। लोग जागरूक हो रहे हैं और आने वाली पीढ़ियों को यह समझना होगा कि हमारे पास केवल यही एक ग्रह है। कोई ‘प्लैनेट B’ नहीं है। हमें अपने भविष्य के लिए इसी पृथ्वी को बचाना होगा।”
मिजोरम के छात्रों की तारीफ, दूसरे राज्यों पर जताई चिंता
रवीना टंडन ने विशेष रूप से मिजोरम में हुए शांतिपूर्ण छात्र प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि वहां छात्रों ने अनुशासन और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रखीं, जो पूरे देश के लिए एक उदाहरण है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ अन्य राज्यों में हालात अलग रहे।
उन्होंने लिखा,
“मिजोरम और कुछ अन्य राज्यों में छात्रों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर मिसाल पेश की। लेकिन अफसोस की बात है कि कुछ जगहों पर छात्र आंदोलन को गुंडों और राजनीतिक दलों ने हाईजैक कर लिया। कुछ लोग तो सिर्फ रील्स बनाने और लाइमलाइट पाने के लिए वहां मौजूद थे। आखिरकार यह जायज मांगों की जीत थी।”
हिंसा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की निंदा
रवीना टंडन ने आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं की भी आलोचना की। उनका कहना था कि ऐसी गतिविधियां वास्तविक छात्रों का हिस्सा नहीं थीं।
उन्होंने लिखा कि हिंसा के पीछे उपद्रवी तत्व थे, जो छात्र आंदोलन को गलत दिशा में ले जा सकते थे। इसके बावजूद उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार करेगी और सरकारी स्कूलों में मौजूद भ्रष्टाचार को खत्म करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने अपने संदेश के अंत में कहा,
“मैं अपनी अभिव्यक्ति की आजादी का इस्तेमाल कर रही हूं। आपकी राय अलग हो सकती है और मैं उसका भी सम्मान करती हूं। जब पढ़ेगा इंडिया, बढ़ेगा इंडिया। जय हिंद। #IndiaFirst”
NEET-UG 2026 विवाद के बाद तेज हुए प्रदर्शन
देशभर में NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया था। दिल्ली के जंतर-मंतर समेत कई राज्यों में हजारों छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार, जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किए।
इन प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो गई है।
शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की उम्मीद
रवीना टंडन का मानना है कि छात्रों की आवाज को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और इस अवसर का उपयोग देश की शिक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और सुलभ बनाने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में ऐसे सुधार होंगे, जिससे छात्रों का भरोसा शिक्षा व्यवस्था पर और मजबूत होगा।


