Petrol Diesel Price Today: जून 2026 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 21% सस्ता हो गया, लेकिन भारत की सरकारी तेल कंपनियों ने 25 मई के बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया। दूसरी ओर, निजी कंपनी नायरा एनर्जी ने 1 जुलाई से पेट्रोल और डीजल के दाम घटा दिए हैं।
Highlights
- जून 2026 में ब्रेंट क्रूड करीब 21% सस्ता हुआ।
- सरकारी तेल कंपनियों ने 25 मई 2026 के बाद कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया।
- दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर।
- नायरा एनर्जी ने पेट्रोल 5 रुपये और डीजल 3 रुपये प्रति लीटर सस्ता किया।
- बाजार की नजर अब IOC, BPCL और HPCL के अगले फैसले पर।
नई दिल्ली
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट के बावजूद देशभर के करोड़ों वाहन चालकों को अभी राहत नहीं मिली है। जून 2026 के दौरान ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) करीब 21 फीसदी तक सस्ता हो गया, जो कोरोना काल के बाद इसकी सबसे बड़ी मासिक गिरावटों में से एक मानी जा रही है।
इसके बावजूद सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने गुरुवार 2 जुलाई 2026 को भी पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया। देश में सरकारी कंपनियों की ओर से आखिरी बार 25 मई 2026 को कीमतों में संशोधन किया गया था।
हालांकि निजी क्षेत्र की बड़ी ईंधन कंपनी नायरा एनर्जी ने 1 जुलाई से पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम घटाकर ग्राहकों को राहत दी है।
मई में सिर्फ 11 दिनों में चार बार बढ़े थे दाम
पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद मई 2026 में सरकारी तेल कंपनियों ने महज 11 दिनों के भीतर चार बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए थे।
कीमतों में हुई बढ़ोतरी इस प्रकार रही—
- 15 मई: पेट्रोल 3.00 रुपये, डीजल 3.29 रुपये प्रति लीटर महंगा
- 19 मई: पेट्रोल 87 पैसे, डीजल 91 पैसे महंगा
- 23 मई: पेट्रोल 87 पैसे, डीजल 91 पैसे महंगा
- 25 मई: पेट्रोल 2.61 रुपये, डीजल 2.71 रुपये महंगा
इन चार बढ़ोतरी के बाद कुल मिलाकर—
- पेट्रोल 7.35 रुपये प्रति लीटर
- डीजल 7.82 रुपये प्रति लीटर
महंगा हो गया था। इसके बाद से सरकारी कंपनियों ने कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया।
चार महानगरों में आज पेट्रोल की कीमत
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) |
|---|---|
| दिल्ली | 102.12 |
| कोलकाता | 113.51 |
| मुंबई | 111.21 |
| चेन्नई | 107.77 |
चार महानगरों में डीजल का रेट
| शहर | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|
| दिल्ली | 95.20 |
| कोलकाता | 99.82 |
| मुंबई | 97.83 |
| चेन्नई | 99.55 |
देश के प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल-डीजल का भाव
| शहर | पेट्रोल (₹) | डीजल (₹) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| चेन्नई | 107.77 | 99.55 |
| नोएडा | 102.12 | 97.56 |
| चंडीगढ़ | 101.51 | 89.47 |
| लखनऊ | 101.89 | 95.36 |
| पटना | 113.37 | 99.36 |
| रांची | 105.26 | 100.49 |
| भोपाल | 114.57 | 99.64 |
जून में 21% टूटा ब्रेंट क्रूड
जून 2026 अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के बाजार के लिए बेहद कमजोर महीना रहा। पूरे महीने के दौरान ब्रेंट क्रूड लगभग 21 फीसदी टूट गया, जबकि अमेरिकी WTI Crude में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
गुरुवार सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी नरमी बनी रही।
- Brent Crude: 71.12 डॉलर प्रति बैरल (0.63% की गिरावट)
- WTI Crude: 68.02 डॉलर प्रति बैरल (0.82% की गिरावट)
विशेषज्ञों का मानना है कि जून के अंत में पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और सप्लाई को लेकर चिंता घटने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट आई।
फिर भी क्यों नहीं घटे पेट्रोल-डीजल के दाम?
कई लोगों के मन में सवाल है कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल इतना सस्ता हो गया है, तो भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें क्यों नहीं घटीं?
इसके पीछे कई कारण माने जाते हैं—
- सरकारी तेल कंपनियां केवल अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर फैसला नहीं लेतीं।
- रुपये-डॉलर विनिमय दर का भी बड़ा असर पड़ता है।
- टैक्स, फ्रेट और मार्केटिंग मार्जिन भी कीमत तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- सरकार की नीतिगत मंजूरी के बाद ही सरकारी कंपनियां बड़े स्तर पर कीमतों में बदलाव करती हैं।
इंडस्ट्री से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कंपनियों ने ईरान-इजरायल तनाव के दौरान लंबे समय तक कीमतें स्थिर रखी थीं। ऐसे में अब किसी भी कटौती का फैसला सरकार की मंजूरी के बाद ही संभव माना जा रहा है।
नायरा एनर्जी ने ग्राहकों को दी राहत
जहां सरकारी कंपनियों ने कीमतें स्थिर रखीं, वहीं निजी कंपनी नायरा एनर्जी ने 1 जुलाई 2026 से पेट्रोल और डीजल दोनों सस्ते कर दिए।
कंपनी ने—
- पेट्रोल 5 रुपये प्रति लीटर
- डीजल 3 रुपये प्रति लीटर
कम कर दिया है।
गौरतलब है कि नायरा ने मार्च 2026 में सबसे पहले पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए थे। अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी आने के बाद कंपनी ने कीमतों में कटौती कर दी है।
क्या सरकारी कंपनियां भी घटाएंगी कीमतें?
फिलहाल इस सवाल का कोई आधिकारिक जवाब नहीं है। हालांकि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहती हैं और रुपये की स्थिति भी स्थिर रहती है, तो आने वाले दिनों में सरकारी तेल कंपनियां भी कीमतों की समीक्षा कर सकती हैं।
फिलहाल देशभर में सरकारी कंपनियों के पेट्रोल और डीजल के दाम पहले की तरह ही स्थिर बने हुए हैं।


