दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लाखों वाहन चालकों और रोजाना सफर करने वाले लोगों को एक बार फिर महंगाई का बड़ा झटका लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद अब कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) भी लगातार महंगी होती जा रही है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने रविवार को फिर से CNG की कीमतों में 1 रुपये प्रति किलो का इजाफा कर दिया। खास बात यह है कि बीते 48 घंटों के भीतर यह दूसरी बढ़ोतरी है।
इस नए बदलाव के बाद दिल्ली में पहली बार CNG की कीमत 80 रुपये प्रति किलो के पार निकल गई है। इससे कैब, ऑटो, कमर्शियल वाहन और रोजाना ऑफिस आने-जाने वाले लोगों का मासिक बजट और ज्यादा प्रभावित होने वाला है।
दिल्ली-NCR में CNG के नए रेट
CNG rates have been increased by Re 1 from today. In Delhi, per KG CNG will cost Rs 80.09. In Noida-Ghaziabad, per KG CNG will cost Rs 88.70. This is the second increase in prices in 2 Days. Earlier on 15th May, CNG prices were increased to Rs 2/KG.
— ANI (@ANI) May 17, 2026 ताजा बढ़ोतरी के बाद दिल्ली-एनसीआर में CNG की कीमतें इस प्रकार हो गई हैं:
| शहर | नया रेट (रुपये प्रति किलो) |
|---|---|
| दिल्ली | ₹80.09 |
| नोएडा | ₹88.70 |
| गाजियाबाद | ₹88.70 |
दिल्ली में अब CNG का दाम मनोवैज्ञानिक स्तर 80 रुपये को पार कर चुका है। यह उन लोगों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है जिन्होंने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से बचने के लिए CNG वाहनों का विकल्प चुना था।
48 घंटे में कुल 3 रुपये महंगी हुई CNG
इससे पहले 15 मई को IGL ने CNG की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की थी। उस समय दिल्ली में CNG का रेट बढ़कर 79.09 रुपये प्रति किलो पहुंच गया था। अब रविवार को फिर 1 रुपये की वृद्धि होने से कुल बढ़ोतरी 3 रुपये प्रति किलो हो चुकी है।
लगातार दो बार कीमत बढ़ने से साफ संकेत मिल रहे हैं कि ऊर्जा बाजार में दबाव अभी खत्म नहीं हुआ है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो आने वाले दिनों में और बढ़ोतरी की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
पेट्रोल-डीजल के बाद अब CNG ने बढ़ाई चिंता
सीएनजी की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय पर हुई है जब देशभर में पेट्रोल और डीजल पहले ही महंगे हो चुके हैं। केंद्र सरकार ने 15 मई को पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की थी।
दिल्ली में फिलहाल ईंधन के रेट इस प्रकार हैं:
| ईंधन | दिल्ली में मौजूदा रेट |
|---|---|
| पेट्रोल | ₹97.77 प्रति लीटर |
| डीजल | ₹90.67 प्रति लीटर |
| CNG | ₹80.09 प्रति किलो |
अब स्थिति यह हो गई है कि जिन लोगों ने कम खर्च की उम्मीद में CNG वाहन खरीदे थे, उन्हें भी राहत मिलती नहीं दिख रही।
ऑटो, कैब और आम यात्रियों पर क्या होगा असर?
दिल्ली-एनसीआर में बड़ी संख्या में ऑटो रिक्शा, टैक्सी और कमर्शियल वाहन CNG पर चलते हैं। ऐसे में इस बढ़ोतरी का सीधा असर ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ने वाला है।
विशेषज्ञों का मानना है कि:
- Ola और Uber जैसी कैब सेवाओं के किराए बढ़ सकते हैं
- ऑटो यूनियन किराया बढ़ाने की मांग कर सकती हैं
- स्कूल वैन और लोकल ट्रांसपोर्ट महंगा हो सकता है
- रोज ऑफिस आने-जाने वालों का मासिक खर्च बढ़ेगा
दिल्ली-NCR में लाखों लोग रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं। ऐसे में ईंधन महंगा होने का असर सीधे घरेलू बजट पर दिखाई देगा।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं ईंधन के दाम?
ईंधन कीमतों में तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव माना जा रहा है। दरअसल, मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर दबाव बढ़ गया है।
यह वही समुद्री मार्ग है जहां से दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। अगर इस रास्ते में रुकावट आती है तो पूरी दुनिया में तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होती है।
इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक कीमतों का सीधा असर घरेलू बाजार पर दिखाई देता है।
रुपया कमजोर होने से भी बढ़ा दबाव
सिर्फ कच्चा तेल महंगा होना ही समस्या नहीं है। डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी भी भारत के लिए मुश्किल बढ़ा रही है।
भारत जब विदेशी बाजार से तेल खरीदता है तो भुगतान डॉलर में करना पड़ता है। ऐसे में:
- डॉलर मजबूत होने पर आयात महंगा हो जाता है
- तेल कंपनियों की लागत बढ़ती है
- सरकार और कंपनियां कीमतें बढ़ाने पर मजबूर होती हैं
हाल के दिनों में रुपये में कमजोरी और वैश्विक तनाव दोनों ने मिलकर ईंधन कीमतों पर दबाव बढ़ा दिया है।
सरकार क्या कह रही है?
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने हाल ही में कहा कि दुनिया के कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 20 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है, जबकि भारत में इसे सीमित रखने की कोशिश की गई है।
उनके मुताबिक:
भारत ने पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी को करीब 3.2 प्रतिशत और डीजल में 3.4 प्रतिशत तक सीमित रखा है।
हालांकि आम उपभोक्ताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतों ने रोजमर्रा की जिंदगी का खर्च काफी बढ़ा दिया है।
क्या आगे और बढ़ सकते हैं दाम?
ऊर्जा बाजार के जानकार मानते हैं कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव कम नहीं हुआ और कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं तो आने वाले हफ्तों में ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी संभव है।
विशेष रूप से CNG बाजार पर भी दबाव बना रह सकता है क्योंकि:
- LNG आयात महंगा हो रहा है
- वैश्विक गैस सप्लाई प्रभावित है
- ट्रांसपोर्ट और इंडस्ट्री की मांग लगातार बनी हुई है
आम आदमी के लिए सबसे बड़ी चिंता
पेट्रोल, डीजल और अब CNG—तीनों ईंधनों की कीमतें बढ़ने से मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों की चिंता बढ़ गई है। दिल्ली-NCR जैसे शहरों में जहां रोज लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, वहां यह बढ़ोतरी सीधे जेब पर असर डाल रही है।
अगर आने वाले दिनों में कैब और ऑटो किराए भी बढ़ते हैं, तो महंगाई का असर और ज्यादा महसूस होगा। यही वजह है कि अब लोग सिर्फ पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि CNG की कीमतों पर भी नजर बनाए हुए हैं।
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