सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। घरेलू वायदा बाजार MCX से लेकर सर्राफा बाजार तक दोनों कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा। खासकर चांदी में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिसके बाद इसकी कीमत कारोबार के दौरान ₹20,700 से ज्यादा टूट गई। वहीं सोना भी ₹3,000 से अधिक सस्ता हो गया।
इस गिरावट के पीछे कई बड़े कारण माने जा रहे हैं। एक तरफ अमेरिका और चीन के बीच चल रही उच्चस्तरीय बातचीत पर निवेशकों की नजर बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी ने महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बाजार को अब आशंका है कि केंद्रीय बैंक निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती करने से बच सकते हैं। इसका असर सुरक्षित निवेश माने जाने वाले गोल्ड और सिल्वर पर भी दिखाई दिया।
MCX पर चांदी में बड़ी गिरावट
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर जुलाई डिलीवरी वाली चांदी में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान चांदी करीब ₹20,722 यानी लगभग 7 प्रतिशत टूटकर ₹2,70,380 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई।
पिछले कारोबारी सत्र में यह ₹2,91,102 प्रति किलो पर बंद हुई थी जबकि शुक्रवार को इसकी शुरुआत लगभग ₹2,80,000 के स्तर पर हुई थी। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक इतनी बड़ी गिरावट यह संकेत देती है कि ऊंचे स्तर पर निवेशकों ने मुनाफावसूली की है।
वहीं जून डिलीवरी वाले सोने में भी कमजोरी देखने को मिली। MCX पर सोना ₹3,000 से अधिक टूटकर ₹1,58,750 प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया। पिछले सत्र में सोना लगभग सपाट बंद हुआ था, लेकिन शुक्रवार को वैश्विक संकेत कमजोर पड़ने से इसमें दबाव बढ़ गया।
सर्राफा बाजार में भी टूटा सोना-चांदी
घरेलू सर्राफा बाजार में भी गिरावट का असर साफ दिखाई दिया। बाजार ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म GoodReturns के मुताबिक:
- 24 कैरेट सोना ₹2,240 टूटकर ₹1,60,090 प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
- 22 कैरेट सोना ₹2,050 गिरकर ₹1,46,750 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
- 18 कैरेट गोल्ड ₹1,680 सस्ता होकर ₹1,20,070 प्रति 10 ग्राम रह गया।
- चांदी की कीमत ₹10,000 टूटकर ₹2,90,000 प्रति किलो तक आ गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों में सोना और चांदी लगातार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच रहे थे। ऐसे में बाजार में करेक्शन आना स्वाभाविक माना जा रहा है।
प्रमुख शहरों में सोने का ताजा रेट
24K, 22K और 18K गोल्ड रेट (15 मई 2026, सुबह 11 बजे)
| शहर | 24K गोल्ड | 22K गोल्ड | 18K गोल्ड |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹1,60,240 | ₹1,46,900 | ₹1,20,220 |
| मुंबई | ₹1,60,090 | ₹1,46,750 | ₹1,20,070 |
| कोलकाता | ₹1,60,090 | ₹1,46,750 | ₹1,20,070 |
| चेन्नई | ₹1,63,090 | ₹1,49,500 | ₹1,24,700 |
| लखनऊ | ₹1,60,240 | ₹1,46,900 | ₹1,20,220 |
| कानपुर | ₹1,60,240 | ₹1,46,900 | ₹1,20,220 |
| पटना | ₹1,60,140 | ₹1,46,800 | ₹1,20,120 |
| जयपुर | ₹1,60,240 | ₹1,46,900 | ₹1,20,220 |
| इंदौर | ₹1,60,140 | ₹1,46,800 | ₹1,20,120 |
| भोपाल | ₹1,60,140 | ₹1,46,800 | ₹1,20,120 |
स्रोत: GoodReturns
दिल्ली सर्राफा बाजार में क्या हुआ?
दिल्ली के सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई थी। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना ₹650 बढ़कर ₹1,66,000 प्रति 10 ग्राम पहुंच गया था।
हालांकि चांदी में तेजी का सिलसिला टूट गया। चांदी ₹900 कमजोर होकर ₹2,96,600 प्रति किलो पर आ गई। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता और डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव की वजह से घरेलू बाजार में भी कीमतें तेजी से बदल रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव
ग्लोबल मार्केट में भी निवेशकों की नजर अमेरिका-चीन वार्ता और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव पर बनी हुई है।
स्पॉट गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 4,704.30 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी 0.57 प्रतिशत टूटकर 87.04 डॉलर प्रति औंस रह गई।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि अमेरिका में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो सोने की तेजी सीमित हो सकती है। वहीं वैश्विक तनाव बढ़ने पर सुरक्षित निवेश की मांग फिर बढ़ सकती है।
पेट्रोल-डीजल महंगा होने का क्या असर?
हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। इससे महंगाई बढ़ने की आशंका मजबूत हुई है।
महंगाई बढ़ने पर आमतौर पर:
- केंद्रीय बैंक ब्याज दरें जल्दी नहीं घटाते,
- डॉलर मजबूत हो सकता है,
- निवेशक कमोडिटी बाजार में सतर्क हो जाते हैं।
इसी वजह से गोल्ड और सिल्वर में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा?
बाजार जानकारों का कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए गिरावट खरीदारी का अवसर बन सकती है। हालांकि अल्पकाल में कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि:
- शादी या ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए चरणबद्ध खरीदारी बेहतर हो सकती है।
- निवेशकों को एकमुश्त निवेश से बचना चाहिए।
- MCX और अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल पर नजर रखना जरूरी है।
आगे कैसी रह सकती है चाल?
विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में इन फैक्टर्स पर बाजार की दिशा निर्भर करेगी अमेरिका-चीन वार्ता का परिणाम, कच्चे तेल की कीमतें, डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, पश्चिम एशिया का भू-राजनीतिक तनाव यदि वैश्विक तनाव बढ़ता है तो सोना फिर मजबूत हो सकता है, जबकि ब्याज दरों के ऊंचे बने रहने की स्थिति में दबाव जारी रह सकता है।
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