भारत में चांदी की कीमतों में गुरुवार 14 मई 2026 को गिरावट दर्ज की गई है। सर्राफा बाजार में सिल्वर की कीमत ₹300 प्रति ग्राम और ₹3,00,000 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले चांदी के दाम में ₹10 प्रति ग्राम और ₹10,000 प्रति किलो की गिरावट देखने को मिली है।
सोने की तरह चांदी की कीमतों पर भी अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और औद्योगिक मांग का सीधा असर पड़ता है। पिछले कुछ दिनों से वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण निवेशकों की नजरें अब बुलियन मार्केट पर टिकी हुई हैं।
भारत में चांदी का ताजा भाव
| यूनिट | आज का भाव | बदलाव |
|---|---|---|
| 1 ग्राम चांदी | ₹300 | ₹10 की गिरावट |
| 10 ग्राम चांदी | ₹3,000 | ₹100 की गिरावट |
| 100 ग्राम चांदी | ₹30,000 | ₹1,000 की गिरावट |
| 1 किलो चांदी | ₹3,00,000 | ₹10,000 की गिरावट |
प्रमुख शहरों में चांदी के दाम
| शहर | 10 ग्राम | 100 ग्राम | 1 किलो |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹3,000 | ₹30,000 | ₹3,00,000 |
| मुंबई | ₹3,000 | ₹30,000 | ₹3,00,000 |
| कोलकाता | ₹3,000 | ₹30,000 | ₹3,00,000 |
| जयपुर | ₹3,000 | ₹30,000 | ₹3,00,000 |
| लखनऊ | ₹3,000 | ₹30,000 | ₹3,00,000 |
| पटना | ₹3,000 | ₹30,000 | ₹3,00,000 |
| अहमदाबाद | ₹3,000 | ₹30,000 | ₹3,00,000 |
| नोएडा | ₹3,000 | ₹30,000 | ₹3,00,000 |
| गुरुग्राम | ₹3,000 | ₹30,000 | ₹3,00,000 |
Source: Good Returns
क्यों बदलती हैं चांदी की कीमतें?
चांदी की कीमत सिर्फ घरेलू मांग से तय नहीं होती। भारत में सिल्वर रेट कई वैश्विक और आर्थिक फैक्टर्स से प्रभावित होते हैं।
1. अंतरराष्ट्रीय बाजार
लंदन और न्यूयॉर्क जैसे वैश्विक कमोडिटी बाजारों में चांदी की कीमत बढ़ने या घटने का असर भारत पर सीधे पड़ता है।
2. डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल
अगर रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है, तो आयात महंगा हो जाता है। इसका असर सोना और चांदी दोनों पर दिखाई देता है।
3. औद्योगिक मांग
चांदी का इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल, मेडिकल उपकरण और ऑटो सेक्टर में भी बड़े पैमाने पर होता है। इंडस्ट्रियल डिमांड बढ़ने पर कीमतें ऊपर जा सकती हैं।
4. निवेशकों की खरीदारी
आर्थिक अनिश्चितता के दौर में निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर चांदी और सोने की तरफ रुख करते हैं।
क्या आगे फिर बढ़ सकते हैं चांदी के दाम?
बुलियन मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में चांदी में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। पश्चिम एशिया तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति पर बाजार की नजर बनी हुई है।
अगर:
- डॉलर मजबूत होता है
- रुपया कमजोर पड़ता है
- वैश्विक तनाव बढ़ता है
तो भारत में चांदी की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिल सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों के अनुसार लंबी अवधि के निवेशकों के लिए चांदी अब भी आकर्षक विकल्प बनी हुई है। हालांकि कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को चरणबद्ध निवेश रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।
शादी सीजन और त्योहारों के दौरान भी घरेलू बाजार में चांदी की मांग बढ़ सकती है, जिससे आने वाले समय में कीमतों को सपोर्ट मिल सकता है।
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