देश में सोने और चांदी की कीमतों में गुरुवार को जबरदस्त उछाल देखने को मिला। सरकार द्वारा कीमती धातुओं पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के बाद सर्राफा बाजार से लेकर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) तक दोनों धातुओं में रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई। खासतौर पर चांदी ने ऐसा उछाल दिखाया जिसने निवेशकों और ज्वेलरी बाजार दोनों को चौंका दिया।
दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत एक झटके में ₹20,500 बढ़कर ₹2,97,500 प्रति किलो पहुंच गई। वहीं MCX पर चांदी में ₹23,816 की तेजी दर्ज हुई। दूसरी तरफ सोना भी रॉकेट बन गया और राष्ट्रीय राजधानी में 24 कैरेट सोना ₹1.65 लाख प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि इंपोर्ट ड्यूटी में भारी बढ़ोतरी, कमजोर रुपये, पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक अनिश्चितता ने मिलकर बाजार में तेज उथल-पुथल पैदा की है।
क्यों अचानक भागने लगे सोने-चांदी के दाम?
सरकार ने सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी है। वहीं प्लैटिनम पर ड्यूटी 6.4 फीसदी से बढ़ाकर 15.4 फीसदी कर दी गई है। यह बदलाव बुधवार से लागू हो गया।
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता देश है और घरेलू मांग का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा किया जाता है। ऐसे में इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने का सीधा असर स्थानीय कीमतों पर पड़ा।
ट्रेडर्स का कहना है कि बाजार में अभी शुरुआती प्रतिक्रिया दिख रही है। आने वाले दिनों में जब नई लागत के हिसाब से ज्वेलरी स्टॉक बिकना शुरू होगा, तब कीमतों में और असर दिखाई दे सकता है।
MCX पर क्या रहा हाल?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बुधवार देर रात तक दोनों धातुओं में भारी तेजी बनी रही।
- जुलाई डिलीवरी वाली चांदी ₹23,816 उछलकर ₹3,02,878 प्रति किलो पर पहुंच गई
- सोना ₹8,906 की तेजी के साथ ₹1,62,348 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखा
कमोडिटी बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक यह हाल के वर्षों की सबसे तेज चालों में से एक है।
सर्राफा बाजार में कितना महंगा हुआ सोना?
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक 24 कैरेट सोना ₹8,550 बढ़कर ₹1,65,350 प्रति 10 ग्राम पहुंच गया इससे पहले इसका भाव ₹1,56,800 था, चांदी ₹20,500 की छलांग के साथ ₹2,97,500 प्रति किलो हो गई यानी सिर्फ एक कारोबारी सत्र में सोने-चांदी दोनों ने रिकॉर्ड तेजी दिखाई।
IBJA और GoodReturns के आंकड़े क्या कहते हैं?
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार:
- 24 कैरेट सोना: ₹1,60,980 प्रति 10 ग्राम
- 22 कैरेट सोना: ₹1,57,110 प्रति 10 ग्राम
ये दाम GST और मेकिंग चार्ज के बिना हैं।
वहीं GoodReturns के आंकड़ों के अनुसार:
- 24 कैरेट सोना ₹8,020 चढ़कर ₹1,62,000 पर पहुंच गया
- चांदी ₹20,000 उछलकर ₹3,10,000 प्रति किलो रही
प्रमुख शहरों में आज का सोना रेट
नीचे देश के बड़े शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा दाम दिए गए हैं:
| शहर | 24K | 22K | 18K |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹1,62,150 | ₹1,48,650 | ₹1,21,650 |
| मुंबई | ₹1,62,000 | ₹1,48,500 | ₹1,21,500 |
| कोलकाता | ₹1,62,000 | ₹1,48,500 | ₹1,21,500 |
| चेन्नई | ₹1,63,670 | ₹1,50,000 | ₹1,26,500 |
| लखनऊ | ₹1,62,150 | ₹1,48,650 | ₹1,21,650 |
| कानपुर | ₹1,62,150 | ₹1,48,650 | ₹1,21,650 |
| पटना | ₹1,62,050 | ₹1,48,550 | ₹1,21,550 |
| जयपुर | ₹1,62,150 | ₹1,48,650 | ₹1,21,650 |
| इंदौर | ₹1,62,050 | ₹1,48,550 | ₹1,21,550 |
| भोपाल | ₹1,62,050 | ₹1,48,550 | ₹1,21,550 |
कमजोर रुपये ने भी बढ़ाई टेंशन
विश्लेषकों का कहना है कि केवल इंपोर्ट ड्यूटी ही नहीं, बल्कि कमजोर रुपये ने भी सोने-चांदी की कीमतों को ऊपर धकेला है। विदेशी निवेश निकासी और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.80 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया। जब रुपया कमजोर होता है तो आयात महंगा हो जाता है और इसका सीधा असर सोने जैसी आयातित धातुओं पर पड़ता है।
क्या अभी और महंगा हो सकता है सोना?
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड (कमोडिटी) हरीश वी. के मुताबिक:
“भारत में सोने पर आयात शुल्क में हालिया बढ़ोतरी से स्थानीय कीमतें बढ़ सकती हैं और फिजिकल डिमांड पर अस्थायी असर पड़ सकता है। हालांकि वैश्विक अनिश्चितता और घरेलू मुद्रा दबाव के समय सोना सुरक्षित निवेश बना रहता है।”
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया संकट लंबा खिंचता है, डॉलर मजबूत रहता है, कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो सोने-चांदी में आगे भी तेजी जारी रह सकती है।
पीएम मोदी की अपील का भी पड़ा असर
सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने से पहले विदेशी मुद्रा बचाने के लिए लोगों से सोने की खरीद टालने की अपील की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के बीच ईंधन बचाने, विदेश यात्रा सीमित करने और सोना खरीदने से बचने जैसे सुझाव दिए थे।
हालांकि बाजार में इसका उल्टा असर दिखाई दिया। ट्रेडर्स के मुताबिक लोगों ने कीमतें और बढ़ने की आशंका में तेजी से खरीदारी शुरू कर दी।
ज्वेलरी इंडस्ट्री क्यों चिंतित है?
रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (GJEPC) ने चेतावनी दी है कि इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने से आयात कम नहीं होता बल्कि घरेलू कीमतें बढ़ती हैं।
ज्वेलरी कारोबारियों का कहना है कि:
- इससे ग्राहकों की खरीद क्षमता प्रभावित होगी
- शादी सीजन में मांग पर असर पड़ सकता है
- स्मगलिंग का जोखिम बढ़ सकता है
कई विशेषज्ञों का मानना है कि इंपोर्ट पर मात्रा आधारित नियंत्रण, ड्यूटी बढ़ाने से ज्यादा प्रभावी हो सकता था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या चल रहा है?
हालांकि घरेलू बाजार में तेजी है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की चाल थोड़ी कमजोर रही।
- स्पॉट गोल्ड 0.3% गिरकर 4,700.86 डॉलर प्रति औंस रहा
- चांदी 1% बढ़कर 87.45 डॉलर प्रति औंस पर पहुंची
उधर ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर ट्रेड कर रहा था, जिसने वैश्विक महंगाई और सुरक्षित निवेश की मांग को बढ़ावा दिया।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञों के मुताबिक इस समय घबराहट में खरीदारी करने से बचना चाहिए। सोने-चांदी में तेज उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
अगर कोई निवेशक लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहता है, तो SIP आधारित Gold ETF, Sovereign Gold Bond, चरणबद्ध खरीदारी जैसे विकल्प ज्यादा सुरक्षित माने जा रहे हैं।
निष्कर्ष
सरकार द्वारा इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के बाद भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक तेजी देखने को मिली है। कमजोर रुपये, पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक अनिश्चितता ने बाजार की चिंता और बढ़ा दी है। फिलहाल निवेशकों और खरीदारों दोनों की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में सरकार और वैश्विक बाजार की दिशा क्या रहती है।
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