बॉलीवुड में लंबे समय से नेपोटिज्म, फीस गैप और आउटसाइडर बनाम इनसाइडर जैसी बहसें होती रही हैं। लेकिन अब एक बार फिर इंडस्ट्री में रंगभेद (Colorism) का मुद्दा चर्चा में आ गया है। Dibyendu Bhattacharya ने हाल ही में एक ऐसा दावा किया है जिसने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है।
और जैसे शोज़ में अपने दमदार अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले Dibyendu ने आरोप लगाया कि उन्हें एक विज्ञापन से केवल उनकी त्वचा के रंग की वजह से हटा दिया गया था।
उनके मुताबिक शूट शुरू होने से महज तीन दिन पहले उन्हें बताया गया:
“आपको replace किया क्योंकि आप काले हो और काला actor नहीं चाहिए।”
यह बयान सामने आते ही बॉलीवुड में मौजूद “fairness bias” और representation को लेकर चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं।
कौन हैं Dibyendu Bhattacharya?

Dibyendu Bhattacharya हिंदी और बंगाली सिनेमा के उन कलाकारों में गिने जाते हैं जिन्हें “performer’s actor” कहा जाता है।
वे:
- National School of Drama (NSD) के पूर्व छात्र हैं
- दो दशक से ज्यादा समय से इंडस्ट्री में सक्रिय हैं
- और कई चर्चित फिल्मों व वेब सीरीज का हिस्सा रह चुके हैं
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत से की थी, लेकिन उन्हें असली पहचान मिली:
में निभाए गए “Chunni Babu” के किरदार से।
इसके बाद उन्होंने:
जैसे कई प्रशंसित प्रोजेक्ट्स में काम किया।
आखिर क्या हुआ था?
हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में Dibyendu ने बताया कि वह एक विज्ञापन प्रोजेक्ट के लिए कई दिनों से बातचीत कर रहे थे और लगभग सबकुछ फाइनल हो चुका था।
लेकिन शूट से कुछ दिन पहले जब उन्होंने टीम से संपर्क किया, तब उन्हें बताया गया कि उन्हें बदल दिया गया है।
उनके मुताबिक टीम ने सीधे कहा:
“आपको replace किया क्योंकि आप काले हो।”
यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
अभिनेता ने क्या कहा?
Dibyendu ने साफ कहा कि इस घटना ने उनकी आत्मविश्वास को प्रभावित नहीं किया क्योंकि वे अपनी पहचान और व्यक्तित्व को लेकर सहज हैं।
लेकिन उन्होंने इस मानसिकता को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि:
समाज में अगर शुरुआती शिक्षा के स्तर पर सामाजिक नैतिकता और समानता नहीं सिखाई जाएगी, तो ऐसी सोच खत्म नहीं होगी।
उनकी टिप्पणी केवल बॉलीवुड पर नहीं बल्कि भारतीय समाज में मौजूद गहरे रंगभेद की मानसिकता पर भी सवाल उठाती है।
बॉलीवुड में Colorism नया मुद्दा नहीं है
भारतीय मनोरंजन उद्योग में “गोरेपन” को लंबे समय तक सुंदरता और सफलता से जोड़कर देखा जाता रहा है।
कई दशकों तक:
- fairness creams,
- skin-lightening ads,
- और “fair skin beauty standards”
मुख्यधारा का हिस्सा रहे।
हालांकि पिछले कुछ वर्षों में:
- representation,
- diversity,
- और inclusivity
को लेकर बहस तेज हुई है, लेकिन Dibyendu का बयान दिखाता है कि जमीन पर स्थिति पूरी तरह नहीं बदली है।
“Character Actor” टैग पर भी उठाए सवाल
Dibyendu ने इंटरव्यू में एक और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया:
“Character Actor” Label
उन्होंने सवाल किया कि:
हर अभिनेता स्क्रीन पर एक किरदार ही निभाता है, फिर कुछ लोगों को ही “character actor” क्यों कहा जाता है?
उनका इशारा इस ओर था कि बॉलीवुड अक्सर:
- स्टार्स
- और supporting performers
के बीच अलग तरह की पहचान बनाता है।
यह बहस नई नहीं है। कई प्रतिभाशाली कलाकार पहले भी कह चुके हैं कि:
- मजबूत अभिनय करने वाले कलाकारों को अक्सर “side actor” की श्रेणी में सीमित कर दिया जाता है,
- जबकि फिल्म की आत्मा कई बार वही कलाकार होते हैं।
सोशल मीडिया पर कैसी प्रतिक्रिया मिल रही है?
Dibyendu के बयान के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने:
- बॉलीवुड में रंगभेद,
- beauty standards,
- और casting bias
को लेकर सवाल उठाए।
कई यूजर्स ने कहा कि:
भारतीय सिनेमा में अभी भी “hero look” की एक तय परिभाषा मौजूद है।
वहीं कुछ लोगों ने Dibyendu की ईमानदारी और खुलकर बोलने की सराहना भी की।
Akshay Kumar समेत कई बड़े सितारों के साथ कर चुके हैं काम
Dibyendu Bhattacharya ने अपने करियर में कई बड़े सितारों के साथ स्क्रीन शेयर की है, जिनमें शामिल हैं:
- Akshay Kumar
- Aamir Khan
- Anushka Sharma
इसके बावजूद उन्हें इंडस्ट्री में इस तरह का अनुभव होने का दावा करना कई लोगों को चौंकाने वाला लगा।
हाल में किन प्रोजेक्ट्स में दिखे?
हाल ही में Dibyendu:
- और Season 4
में नजर आए।
में उन्होंने DSP Barun Ghosh का किरदार निभाया, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया।
Why It Matters
Dibyendu Bhattacharya का बयान केवल एक अभिनेता की व्यक्तिगत शिकायत नहीं माना जा रहा। यह भारतीय मनोरंजन उद्योग और समाज में मौजूद उस मानसिकता को उजागर करता है जहां त्वचा के रंग को अब भी सफलता, आकर्षण और “marketability” से जोड़कर देखा जाता है।
हालांकि OTT platforms और नई पीढ़ी की फिल्मों ने representation को बेहतर बनाने की कोशिश की है, लेकिन casting decisions में bias पूरी तरह खत्म नहीं हुआ दिखता।
यही वजह है कि Dibyendu की टिप्पणी अब सिर्फ बॉलीवुड चर्चा नहीं बल्कि diversity और equality की बड़ी बहस का हिस्सा बन चुकी है।
FAQ
Dibyendu Bhattacharya ने क्या आरोप लगाया?
उन्होंने दावा किया कि उन्हें एक विज्ञापन से उनकी त्वचा के रंग की वजह से हटा दिया गया।
Dibyendu Bhattacharya कौन हैं?
वे NSD से प्रशिक्षित अभिनेता हैं और Dev.D, Jamtara, Maharani और Undekhi जैसे प्रोजेक्ट्स में काम कर चुके हैं।
उन्होंने “character actor” टैग पर क्या कहा?
उन्होंने सवाल उठाया कि हर कलाकार किरदार निभाता है, फिर कुछ लोगों को ही “character actor” क्यों कहा जाता है।
हाल में वे किस शो में नजर आए?
वे हाल में Maamla Legal Hai और Undekhi Season 4 में दिखाई दिए।
सोशल मीडिया पर कैसी प्रतिक्रिया मिली?
कई लोगों ने बॉलीवुड में रंगभेद और beauty standards को लेकर चर्चा शुरू कर दी।
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