भारत में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन तेज उछाल देखने को मिला है। वैश्विक बाजार में बढ़ती अनिश्चितता, डॉलर इंडेक्स में कमजोरी और अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर बन रहे नए संकेतों ने बुलियन मार्केट में हलचल बढ़ा दी है। गुरुवार, 7 मई को 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दामों में मजबूत तेजी दर्ज की गई, जबकि चांदी भी रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब पहुंचती दिखी।
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल निवेशकों का रुख सुरक्षित निवेश यानी “सेफ हेवन एसेट्स” की ओर बना हुआ है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,700 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के ऊपर कारोबार करता दिखा, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
भारत में सोने की कीमतों में लगातार दूसरी तेजी
Goodreturns के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत गुरुवार को ₹87 प्रति ग्राम बढ़कर ₹15,300 प्रति ग्राम पहुंच गई। यानी 10 ग्राम 24 कैरेट सोना अब ₹1,53,000 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं 22 कैरेट गोल्ड की कीमत ₹80 प्रति ग्राम बढ़कर ₹14,025 प्रति ग्राम हो गई। इसका मतलब है कि 10 ग्राम 22 कैरेट सोना ₹1,40,250 तक पहुंच गया।
18 कैरेट सोने में भी मजबूती देखने को मिली। इसकी कीमत ₹61 प्रति ग्राम बढ़कर ₹11,475 प्रति ग्राम हो गई। यानी 10 ग्राम 18 कैरेट गोल्ड अब ₹1,14,750 के स्तर पर पहुंच चुका है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्यों चढ़ रहा है सोना?
ग्लोबल बुलियन मार्केट में इस समय सबसे बड़ा ट्रिगर अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत को माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर समाधान की दिशा में बातचीत आगे बढ़ रही है।
हालांकि बाजार अभी पूरी तरह आश्वस्त नहीं है। इसी वजह से निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से निकलकर सोने और चांदी की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। Trading Economics के अनुसार, 7 मई को अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड की कीमत 4,709 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस तक पहुंच गई। पिछले एक साल में सोने में करीब 42% की तेजी दर्ज की जा चुकी है, जो इसकी मजबूत लॉन्ग टर्म डिमांड को दिखाती है।
चांदी में भी बड़ी तेजी
सोने के साथ-साथ चांदी में भी लगातार तेजी देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सिल्वर 78 डॉलर प्रति औंस के ऊपर कारोबार कर रही है।
बुलियन मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर मौजूदा ट्रेंड जारी रहता है, तो चांदी जल्द ही 80 डॉलर और फिर 82 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच सकती है। भारतीय बाजार में इसका असर सिल्वर रेट्स पर भी देखने को मिल सकता है।
शुक्रवार को कैसी रह सकती है सोने की चाल?
मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि शुक्रवार, 8 मई को भारतीय बाजार में सोना सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है। हालांकि लॉन्ग टर्म आउटलुक अभी भी मजबूत बना हुआ है।
Augmont Bullion की रिपोर्ट के मुताबिक, सोने ने $4,500-$4,550 के सपोर्ट जोन से रिकवरी दिखाई है और अब अगला रेजिस्टेंस $4,800-$4,850 के बीच माना जा रहा है। भारतीय बाजार में यह स्तर लगभग ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बैठता है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर डॉलर इंडेक्स कमजोर रहता है और पश्चिम एशिया में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं होता, तो सोने में आगे भी तेजी बनी रह सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौजूदा समय में सोना सिर्फ ज्वेलरी नहीं बल्कि “स्ट्रैटेजिक एसेट” बन चुका है। वैश्विक अनिश्चितता, क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, ब्याज दरों को लेकर असमंजस और जियोपॉलिटिकल तनाव जैसी स्थितियों में निवेशक सोने को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं।
हालांकि लगातार बढ़ती कीमतों के बीच निवेशकों को सावधानी भी बरतने की सलाह दी जा रही है। शॉर्ट टर्म में हल्का करेक्शन संभव है, लेकिन लंबी अवधि में बुलियन मार्केट का ट्रेंड अभी भी पॉजिटिव दिखाई दे रहा है।
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