लगातार बढ़ती महंगाई के बीच सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। Arunachal Pradesh सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2 फीसदी की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद अब राज्य कर्मचारियों को बेसिक सैलरी और पेंशन का 60 फीसदी DA/DR मिलेगा।
राज्य सरकार के इस फैसले से करीब 1 लाख से ज्यादा लोगों को सीधा फायदा पहुंचेगा। खास बात यह है कि बढ़ी हुई दरें 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाएंगी, यानी कर्मचारियों और पेंशनर्स को एरियर का लाभ भी मिलेगा।
बढ़ती महंगाई के बीच सरकार का बड़ा फैसला
देशभर में खाद्य पदार्थों, बिजली, ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे समय में महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री Pema Khandu की सरकार ने DA और DR में 2 फीसदी की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, यह फैसला राज्य के नियमित कर्मचारियों, ऑल इंडिया सर्विस अधिकारियों और राज्य सरकार में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत केंद्र सरकार के कर्मचारियों पर लागू होगा।
अब कितना मिलेगा DA?
सरकार के नए फैसले के बाद:
- पहले DA/DR की दर: 58%
- नई बढ़ी हुई दर: 60%
यानि कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और पेंशन पर अब 60 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता मिलेगा।
कितने लोगों को होगा फायदा?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस फैसले से:
- लगभग 69,248 सरकारी कर्मचारियों
- करीब 40,477 पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स
को सीधा लाभ मिलेगा।
इसमें राज्य सरकार के अधीन कार्यरत विभिन्न विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। पेंशनर्स के लिए भी यह राहत महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच मेडिकल और दैनिक खर्च तेजी से बढ़े हैं।
एरियर भी मिलेगा कैश में
सरकार ने सिर्फ DA बढ़ाने का ऐलान नहीं किया, बल्कि जनवरी 2026 से अप्रैल 2026 तक का बकाया एरियर भी नकद देने का फैसला किया है।
सरकार के अनुसार:
- एरियर भुगतान पर करीब ₹33.51 करोड़ खर्च होंगे
- कुल अतिरिक्त वार्षिक बोझ लगभग ₹100.54 करोड़ होगा
मई 2026 से बढ़ी हुई राशि सीधे कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में जुड़कर आने लगेगी।
आखिर क्या होता है DA?
महंगाई भत्ता यानी Dearness Allowance सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को दिया जाने वाला अतिरिक्त भुगतान है। इसका मकसद बढ़ती महंगाई के असर को कम करना होता है।
महंगाई बढ़ने पर:
- खाने-पीने की चीजें महंगी होती हैं
- ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ता है
- मेडिकल और शिक्षा खर्च बढ़ते हैं
ऐसे में सरकार DA बढ़ाकर कर्मचारियों की क्रय शक्ति को संतुलित रखने की कोशिश करती है।
कैसे तय होता है DA?
DA की गणना ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर की जाती है। केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारें साल में दो बार:
- जनवरी
- जुलाई
में DA संशोधित करती हैं।
7वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद DA में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है।
7वें वेतन आयोग के बाद कितनी बढ़ी DA दर?
रिपोर्ट्स के मुताबिक:
- जुलाई 2021 में सबसे बड़ी 11% बढ़ोतरी हुई थी
- जनवरी 2025 में 2% बढ़ोतरी
- जुलाई 2025 में 3% बढ़ोतरी
- अब जनवरी 2026 से फिर 2% की वृद्धि
की गई है।
इस तरह पिछले कुछ वर्षों में कर्मचारियों के DA में लगातार इजाफा हुआ है।
सरकार के सामने आर्थिक चुनौती भी
हालांकि कर्मचारियों के लिए यह फैसला राहत भरा है, लेकिन सरकार के लिए यह बड़ा वित्तीय बोझ भी बन सकता है। DA बढ़ने से सरकारी खर्च में तेजी आती है, खासकर उन राज्यों में जहां पहले से राजकोषीय दबाव मौजूद हो।
फिर भी राज्य सरकारों के लिए कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनाए रखना जरूरी माना जाता है क्योंकि इससे उपभोग और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी समर्थन मिलता है।
बैंक कर्मचारियों के लिए भी आया था अपडेट
हाल ही में Indian Banks’ Association (IBA) ने भी बैंक कर्मचारियों के लिए DA बढ़ोतरी का ऐलान किया था। इसके तहत मई, जून और जुलाई 2026 के लिए कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी तय की गई थी।
रिपोर्ट्स के अनुसार बैंक कर्मचारियों को बेसिक पे के हिसाब से ₹435 से लेकर ₹1,050 तक अतिरिक्त लाभ मिलने की संभावना जताई गई थी।
आने वाले समय में और बढ़ सकता है DA?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर महंगाई दर ऊंची बनी रहती है तो आने वाले महीनों में केंद्र और राज्य सरकारें फिर DA संशोधन पर विचार कर सकती हैं।
खासतौर पर:
- खाद्य महंगाई
- वैश्विक तेल कीमतें
- ट्रांसपोर्ट लागत
- घरेलू उपभोक्ता मूल्य सूचकांक
जैसे फैक्टर DA बढ़ोतरी को प्रभावित करते हैं। फिलहाल अरुणाचल प्रदेश सरकार के इस फैसले ने हजारों कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत जरूर दी है।
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