टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी Trent Limited एक बार फिर निवेशकों के फोकस में आ गई है। कंपनी ने अपने 1:2 बोनस शेयर इश्यू और डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट में बदलाव किया है, जिसके बाद शेयर में हलचल तेज हो गई। गुरुवार के कारोबार में कंपनी का शेयर करीब 1.5% तक चढ़ गया और इंट्राडे में ₹4,355.85 के स्तर तक पहुंच गया।
हालांकि बाद में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली, लेकिन बाजार में कंपनी को लेकर उत्साह बना हुआ है। ट्रेंट लिमिटेड भारत के सबसे तेजी से बढ़ते रिटेल बिजनेस ग्रुप्स में शामिल है और फैशन, लाइफस्टाइल और ग्रोसरी सेगमेंट में इसकी मजबूत मौजूदगी है।
बोनस शेयर की रिकॉर्ड डेट बदली
कंपनी ने पहले 1:2 बोनस शेयर इश्यू के लिए 29 मई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की थी। इस बोनस इश्यू के तहत निवेशकों को हर 2 शेयर पर 1 अतिरिक्त शेयर मिलेगा। अब कंपनी ने इस रिकॉर्ड डेट को बदलकर 4 जून 2026 कर दिया है।
इसका मतलब यह है कि जिन निवेशकों के डीमैट अकाउंट में 4 जून 2026 तक ट्रेंट लिमिटेड के शेयर मौजूद होंगे, वही बोनस शेयर पाने के पात्र होंगे।
डिविडेंड रिकॉर्ड डेट में भी बदलाव
ट्रेंट लिमिटेड ने फाइनल डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट में भी बदलाव किया है। पहले यह तारीख 10 जून 2026 तय की गई थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 12 जून 2026 कर दिया गया है।
हालांकि डिविडेंड भुगतान शेयरधारकों की मंजूरी और AGM की स्वीकृति के बाद ही होगा, लेकिन रिकॉर्ड डेट बदलने की खबर के बाद निवेशकों में दिलचस्पी बढ़ गई है।
शेयर में क्यों बढ़ी हलचल?
बाजार में बोनस शेयर की घोषणा को आमतौर पर सकारात्मक संकेत माना जाता है। इससे यह संदेश जाता है कि कंपनी भविष्य की ग्रोथ को लेकर आश्वस्त है और शेयरधारकों को रिवॉर्ड देना चाहती है।
ट्रेंट लिमिटेड का शेयर पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों के लिए मल्टीबैगर साबित हुआ है। कंपनी लगातार अपने स्टोर नेटवर्क का विस्तार कर रही है और उपभोक्ता खर्च बढ़ने का फायदा भी उसे मिल रहा है।
कंपनी का बिजनेस कितना मजबूत?
1998 में स्थापित ट्रेंट लिमिटेड टाटा ग्रुप की प्रमुख रिटेल कंपनियों में शामिल है। कंपनी फैशन, लाइफस्टाइल, ग्रोसरी और वैल्यू रिटेल सेगमेंट में कारोबार करती है।
कंपनी के पास भारत और UAE समेत कुल 321 शहरों में 1,286 स्टोर्स का नेटवर्क है। ट्रेंट का कुल रिटेल स्पेस करीब 17.70 मिलियन स्क्वायर फीट तक पहुंच चुका है।
कंपनी के प्रमुख ब्रांड्स में वेस्टसाइड, जूडियो और स्टार बाजार जैसे नाम शामिल हैं, जिन्होंने भारतीय रिटेल मार्केट में मजबूत पकड़ बनाई है।
मार्च तिमाही में शानदार प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा।
- कंपनी का रेवेन्यू ₹4,217 करोड़ से बढ़कर ₹5,028 करोड़ पहुंच गया
- सालाना आधार पर रेवेन्यू में करीब 19.23% की बढ़त दर्ज हुई
- नेट प्रॉफिट ₹312 करोड़ से बढ़कर ₹413 करोड़ हो गया
- मुनाफे में 32.37% की मजबूत ग्रोथ देखने को मिली
पिछले पांच वर्षों में कंपनी का रेवेन्यू CAGR लगभग 34.54% और नेट प्रॉफिट CAGR 63.47% रहा है, जो इसकी तेज ग्रोथ को दर्शाता है।
मजबूत फाइनेंशियल संकेत
कंपनी के रिटर्न रेशियो भी मजबूत दिखाई दे रहे हैं।
- ROCE: 27.8%
- ROE: 27.9%
- EPS: ₹48.4
- Debt to Equity Ratio: 0.37x
कम कर्ज और मजबूत रिटर्न रेशियो कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाते हैं।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि बोनस शेयर और डिविडेंड जैसी घोषणाएं आमतौर पर निवेशकों का भरोसा बढ़ाती हैं। साथ ही, ट्रेंट लिमिटेड भारत के तेजी से बढ़ते ऑर्गेनाइज्ड रिटेल सेक्टर का बड़ा खिलाड़ी बन चुका है।
हालांकि शेयर पहले से ऊंचे वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है, लेकिन मजबूत ग्रोथ, ब्रांड विस्तार और उपभोक्ता मांग में तेजी कंपनी के लिए लंबे समय में पॉजिटिव संकेत माने जा रहे हैं।
Disclaimer
शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
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