वैश्विक एविएशन और डिफेंस टेक्नोलॉजी कंपनी Israel Aerospace Industries (IAI) ने अपने Airbus A330-300 Passenger-to-Freighter (P2F) कन्वर्जन प्रोग्राम में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने बताया कि कन्वर्जन प्रक्रिया का मुख्य स्ट्रक्चरल काम पूरा हो चुका है और अब विमान ग्राउंड तथा फ्लाइट टेस्टिंग फेज में प्रवेश कर चुका है।
IAI का यह प्रोजेक्ट तेजी से बढ़ती एयर कार्गो इंडस्ट्री के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। कंपनी आने वाले हफ्तों में इस कन्वर्टेड A330-300 विमान की पहली टेस्ट फ्लाइट करने जा रही है, जबकि पूरे प्रोग्राम का आधिकारिक सर्टिफिकेशन इस साल के अंत तक मिलने की उम्मीद है।
क्या है A330-300 P2F प्रोग्राम?
Passenger-to-Freighter यानी P2F कन्वर्जन के तहत पुराने पैसेंजर एयरक्राफ्ट को कार्गो विमान में बदला जाता है। इससे एयरलाइंस और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को कम लागत में बड़े कार्गो एयरक्राफ्ट उपलब्ध हो जाते हैं।
IAI का A330-300 कन्वर्जन प्रोग्राम खासतौर पर उन एयरलाइंस और कार्गो ऑपरेटर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जो लंबी दूरी के लिए ज्यादा कार्गो क्षमता वाले विमान चाहते हैं। Airbus A330-300 पहले से ही दुनिया के सबसे लोकप्रिय वाइडबॉडी विमानों में शामिल है, इसलिए इसके फ्रेटर वर्जन की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।
मुख्य स्ट्रक्चरल काम पूरा
कंपनी के अनुसार, विमान अब “off jacks” स्टेज में पहुंच चुका है, जिसका मतलब है कि उसका प्राथमिक स्ट्रक्चरल मॉडिफिकेशन पूरा हो चुका है। इसमें विमान के अंदर बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं ताकि उसे भारी कार्गो लोड के लिए तैयार किया जा सके।
अब अगला चरण ग्राउंड टेस्ट और फ्लाइट टेस्टिंग का होगा। इन टेस्ट्स के जरिए विमान की सुरक्षा, परफॉर्मेंस और ऑपरेशनल क्षमता की जांच की जाएगी।
जल्द होगी पहली टेस्ट फ्लाइट
IAI ने जानकारी दी है कि कन्वर्टेड A330-300 की पहली उड़ान अगले कुछ हफ्तों में कराई जाएगी। यह चरण बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसके बाद ही एविएशन रेगुलेटर्स से अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
अगर सब कुछ तय योजना के मुताबिक रहा, तो A330-300 P2F प्रोग्राम को साल 2026 के अंत तक आधिकारिक सर्टिफिकेशन मिल सकता है।
एयर कार्गो मार्केट में बढ़ रही मांग
कोविड महामारी के बाद से वैश्विक एयर कार्गो सेक्टर में तेज बदलाव देखने को मिले हैं। ई-कॉमर्स, एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स और इंटरनेशनल सप्लाई चेन की बढ़ती जरूरतों के कारण दुनिया भर में फ्रेटर एयरक्राफ्ट की मांग बढ़ी है।
इसी मांग को देखते हुए IAI अपने अंतरराष्ट्रीय कन्वर्जन नेटवर्क का विस्तार कर रही है। कंपनी का लक्ष्य एयरलाइंस, लीजिंग कंपनियों और कार्गो ऑपरेटर्स को अधिक लचीले और कम लागत वाले समाधान देना है।
IAI ने क्या कहा?
IAI के प्रेसिडेंट और CEO Boaz Levy ने कहा कि यह उपलब्धि कंपनी की लंबी अवधि की रणनीति का अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि IAI लगातार अपनी टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल क्षमता को मजबूत कर रही है ताकि ग्लोबल कार्गो मार्केट की जरूरतों को पूरा किया जा सके।
वहीं IAI एविएशन ग्रुप के EVP और GM Yaacov Berkovitz ने कहा कि A330-300 P2F कन्वर्जन को बदलती बाजार मांग को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। उनके मुताबिक यह विमान ऑपरेटर्स को बेहतर फ्लीट फ्लेक्सिबिलिटी, लंबी अवधि का भरोसा और मजबूत निवेश मूल्य प्रदान करेगा।
Boeing और Airbus दोनों प्लेटफॉर्म पर विशेषज्ञता
IAI उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल है जिनके पास Boeing और Airbus दोनों प्रकार के विमानों के P2F कन्वर्जन का अनुभव है। कंपनी पहले से कई नैरोबॉडी और वाइडबॉडी एयरक्राफ्ट कन्वर्जन प्रोग्राम पर काम कर चुकी है।
एविएशन इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स मानते हैं कि A330-300 P2F प्रोग्राम सफल रहने पर IAI की स्थिति ग्लोबल फ्रेटर कन्वर्जन मार्केट में और मजबूत हो सकती है।
क्यों अहम है यह प्रोजेक्ट?
A330-300 जैसे बड़े वाइडबॉडी विमान को फ्रेटर में बदलना तकनीकी रूप से बेहद जटिल प्रक्रिया मानी जाती है। इसमें विमान के स्ट्रक्चर, फ्लोर, कार्गो डोर और वेट बैलेंस सिस्टम तक में बड़े बदलाव किए जाते हैं।
ऐसे में IAI की यह प्रगति सिर्फ तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि ग्लोबल एयर कार्गो इंडस्ट्री में उसकी बढ़ती भूमिका का भी संकेत मानी जा रही है।
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