तमिलनाडु की राजनीति में 2026 विधानसभा चुनावों के बाद टीवीके (TVK) और उसके प्रमुख थलपति विजय लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। जहां एक तरफ उनकी पार्टी के प्रदर्शन ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, वहीं दूसरी तरफ उनका घोषित फाइनेंशियल पोर्टफोलियो अब देशभर में चर्चा का विषय बन गया है।
27-पन्नों के चुनावी हलफनामे के अनुसार, विजय की कुल घोषित संपत्ति लगभग 624 करोड़ रुपये है, लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि उनका निवेश पैटर्न किसी आक्रामक निवेशक जैसा नहीं बल्कि एक बेहद कंजर्वेटिव (सुरक्षित) फाइनेंशियल स्ट्रक्चर जैसा दिखाई देता है।
624 करोड़ की संपत्ति: कहाँ-कहाँ है पैसा?
हलफनामे के अनुसार विजय की संपत्ति दो हिस्सों में बंटी हुई है:
- चल संपत्ति: लगभग 404 करोड़ रुपये
- अचल संपत्ति: लगभग 220 करोड़ रुपये
वित्त वर्ष 2024–25 में उनकी घोषित आय लगभग 184.53 करोड़ रुपये रही, जो मुख्य रूप से स्वरोजगार, किराये और ब्याज से प्राप्त हुई है।
सबसे बड़ा खुलासा: 213 करोड़ रुपये सिर्फ एक सेविंग अकाउंट में
विजय के पोर्टफोलियो का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा है:
👉 इंडियन ओवरसीज बैंक (सालिग्रामम शाखा) में 213.36 करोड़ रुपये का सेविंग अकाउंट बैलेंस। यह राशि उनकी कुल संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा है और किसी भी प्रकार के मार्केट-लिंक्ड रिस्क से दूर है। आम तौर पर इतनी बड़ी रकम निवेशक म्यूचुअल फंड या विविध पोर्टफोलियो में लगाते हैं, लेकिन यहाँ यह पूरी तरह सुरक्षित बैंक डिपॉजिट में रखी गई है।
100 करोड़ रुपये सिर्फ फिक्स्ड डिपॉजिट में

विजय ने चार अलग-अलग बैंकों में कुल 100 करोड़ रुपये से अधिक के फिक्स्ड डिपॉजिट किए हैं:
- Axis Bank: 40 करोड़ रुपये
- Indian Overseas Bank: 25 करोड़ रुपये
- HDFC Bank: 20 करोड़ रुपये
- State Bank of India: 15 करोड़ रुपये
इन निवेशों की खास बात यह है कि ये सभी फिक्स्ड रिटर्न वाले, कम जोखिम वाले इंस्ट्रूमेंट्स हैं।
स्टॉक मार्केट में बेहद सीमित एक्सपोजर
जहां आम तौर पर हाई नेट-वर्थ व्यक्ति शेयर बाजार में विविध निवेश करते हैं, वहीं विजय का एक्सपोजर बेहद सीमित है:
- कुल इक्विटी निवेश: सिर्फ 19.37 लाख रुपये
- कुल संपत्ति का हिस्सा: लगभग 0.04%
यह निवेश मुख्यतः कुछ कंपनियों के छोटे शेयरों में है और इसमें म्यूचुअल फंड, बॉन्ड या डिबेंचर का कोई बड़ा उल्लेख नहीं मिलता।
रियल एस्टेट बना सबसे मजबूत एसेट क्लास
विजय की अचल संपत्ति लगभग 220 करोड़ रुपये की है, जिसमें शामिल हैं:
- रिहायशी प्रॉपर्टीज: ~115 करोड़ रुपये
- कमर्शियल प्रॉपर्टीज: ~82.8 करोड़ रुपये
- कृषि/गैर-कृषि जमीन: ~22 करोड़ रुपये
विशेष रूप से चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों में उनकी कई हाई-वैल्यू प्रॉपर्टीज हैं, जो उन्हें नियमित किराये की आय भी देती हैं।
लग्जरी एसेट्स: गाड़ियाँ, गोल्ड और ज्वेलरी
विजय के पास एक हाई-वैल्यू लग्जरी पोर्टफोलियो भी है:
- कुल वाहनों का मूल्य: 13.52 करोड़ रुपये
- सोना: 883 ग्राम (1.20 करोड़ रुपये)
- चांदी और अन्य धातुएं: लाखों रुपये में
- पत्नी के नाम पर भी करोड़ों की ज्वेलरी और FD
कर्ज और वित्तीय देनदारियाँ भी मौजूद
हलफनामे में यह भी सामने आया है कि विजय ने लगभग 75.5 करोड़ रुपये के लोन और एडवांसेज दिए हैं, जो विभिन्न व्यक्तियों, ट्रस्टों और संस्थाओं को दिए गए हैं।
क्या संकेत देता है उनका निवेश पैटर्न?
वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार विजय का पोर्टफोलियो एक क्लासिक उदाहरण है:
1. Capital Preservation Strategy
उनकी प्राथमिकता जोखिम से बचाव और पूंजी की सुरक्षा है।
2. Market Exposure कम
स्टॉक्स और हाई-रिस्क निवेश में बहुत कम हिस्सा।
3. Real Estate Heavy Portfolio
स्थिर रिटर्न और लॉन्ग-टर्म वैल्यू पर फोकस।
राजनीति और वित्त: क्या कोई रणनीति है?
विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय व्यक्तियों के लिए ऐसा कंजर्वेटिव पोर्टफोलियो:
- वित्तीय स्थिरता दिखाता है
- विवादास्पद निवेश जोखिम से बचाता है
- और लंबे समय तक संपत्ति सुरक्षा सुनिश्चित करता है
निष्कर्ष: स्टार से नेता तक, फाइनेंशियल डिसिप्लिन भी चर्चा में
थलपति विजय की संपत्ति केवल उनकी कमाई का संकेत नहीं देती, बल्कि यह भी दिखाती है कि वे निवेश के मामले में बेहद सतर्क और संरक्षित दृष्टिकोण अपनाते हैं। जहां एक तरफ उनकी राजनीतिक यात्रा तेजी से आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ उनका यह फाइनेंशियल पोर्टफोलियो उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में प्रस्तुत करता है जो लोकप्रियता के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन को भी महत्व देता है।
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