8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर देशभर के केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। पुणे में हुई दो दिवसीय बैठक में कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों ने सैलरी, पेंशन, फिटमेंट फैक्टर और पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर कई बड़ी मांगें रखीं।
आयोग इन सुझावों पर विचार कर रहा है, जबकि कुछ मुद्दों पर शुरुआती सहमति भी सामने आई है।
पुणे बैठक में क्या हुआ?
जस्टिस रंजना प्रकाश की अध्यक्षता में 8वें वेतन आयोग ने 4 और 5 मई को कर्मचारियों और पेंशनर्स संगठनों से विस्तृत चर्चा की। इस बैठक में शामिल संगठनों ने वेतन संरचना और पेंशन सुधार को लेकर अपनी प्रमुख मांगें रखीं और आयोग के सामने कई सुझाव पेश किए।
न्यूनतम वेतन ₹65,000 करने की मांग
सबसे बड़ी मांग न्यूनतम बेसिक सैलरी को लेकर रही।
- वर्तमान न्यूनतम वेतन: ₹18,000
- प्रस्तावित मांग: ₹65,000
कर्मचारियों का तर्क है कि मौजूदा महंगाई और जीवनयापन लागत को देखते हुए यह बढ़ोतरी जरूरी है।
फिटमेंट फैक्टर पर बड़ी मांग
फिटमेंट फैक्टर को लेकर भी बड़ा प्रस्ताव सामने आया है:
- 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर: 2.57
- 8वें वेतन आयोग में प्रस्ताव: 3.8
अगर यह लागू होता है तो कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
HRA और DA पर क्या मांगें हैं?
कर्मचारियों ने भत्तों में भी बदलाव की मांग की है:
- HRA की शुरुआत से ही बढ़ी हुई दरों पर भुगतान
- DA को 4% की न्यूनतम वृद्धि दर से जोड़ना
- DA को HRA से अलग रखने की मांग
इस पर आयोग ने संकेत दिया कि HRA संरचना में बदलाव पर विचार किया जा सकता है।
फैमिली यूनिट और भत्तों में बदलाव
संगठनों ने फैमिली यूनिट की परिभाषा बदलने की मांग की है:
- माता-पिता को भी फैमिली यूनिट में शामिल किया जाए
- 5 सदस्यों की यूनिट को मानक माना जाए
इसके साथ ही TA और ग्रेच्युटी संरचना में भी सुधार की मांग की गई है।
OPS (पुरानी पेंशन योजना) पर क्या चर्चा हुई?
OPS को लेकर सबसे भावनात्मक और अहम मांग सामने आई:
- 85 लाख NPS कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना की वापसी
- परिवार पेंशन को 50% तक स्थिर रखने की मांग
हालांकि आयोग ने स्पष्ट किया कि OPS लागू करना सरकार का नीतिगत निर्णय है।
NPS और UPS पर कर्मचारियों की चिंता
कर्मचारियों ने NPS और UPS दोनों पर सवाल उठाए:
NPS की चिंताएं:
- मार्केट-लिंक्ड रिटर्न
- गारंटीड पेंशन की कमी
UPS की कमियां:
- 10% अंशदान वापस न मिलना
- फैमिली पेंशन में असमानता
आयोग का रुख क्या है?
आयोग ने कुछ बिंदुओं पर सकारात्मक संकेत दिए हैं, खासकर:
- HRA संरचना में सुधार
- पेंशन सिस्टम की कमियों पर विचार
लेकिन OPS जैसे बड़े मुद्दों पर अंतिम निर्णय सरकार के स्तर पर ही होगा।
निष्कर्ष
8वां वेतन आयोग केवल सैलरी संशोधन नहीं बल्कि पूरे वेतन और पेंशन सिस्टम के पुनर्गठन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ₹18,000 से ₹65,000 बेसिक पे की मांग ने इस बहस को और तेज कर दिया है। आने वाले महीनों में आयोग की सिफारिशें लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की आर्थिक स्थिति पर बड़ा प्रभाव डाल सकती हैं।
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