नई दिल्ली, 29 अप्रैल: Sagar Adani ने बुधवार को ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मजबूत घरेलू इंफ्रास्ट्रक्चर (Domestic Infrastructure) के निर्माण पर जोर दिया। उनका कहना है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते युद्ध, संघर्ष और सप्लाई चेन में बाधाओं को देखते हुए देशों को अपनी ऊर्जा व्यवस्था को अधिक लचीला (resilient) बनाना होगा।
Resilient Futures Summit में रखा दृष्टिकोण
Sagar Adani ने Resilient Futures Summit में संबोधित करते हुए कहा कि आज की दुनिया में केवल तेजी से विकास करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि देश अचानक आने वाले झटकों (disruptions) को कितनी मजबूती से झेल सकते हैं।
यह कार्यक्रम Economist Enterprise द्वारा आयोजित किया गया था, जहां वैश्विक चुनौतियों और उनके समाधान पर चर्चा हुई।
ऊर्जा सुरक्षा क्यों बनी सबसे बड़ी प्राथमिकता?
सागर अडानी ने अपने संबोधन में कहा कि हाल के वर्षों में यह स्पष्ट हुआ है कि:
- एक क्षेत्र में संघर्ष का असर पूरी दुनिया की सप्लाई चेन पर पड़ सकता है
- ऊर्जा बाजार में अचानक उतार-चढ़ाव से अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित होती हैं
- वैश्विक निर्भरता जोखिम को बढ़ाती है
उन्होंने कहा कि अब हर देश के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है—
“हम कितनी तेजी से बढ़ सकते हैं” नहीं, बल्कि “हम संकटों का सामना कितनी मजबूती से कर सकते हैं”।
घरेलू इंफ्रास्ट्रक्चर क्यों है जरूरी?
ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उन्होंने घरेलू स्तर पर निवेश बढ़ाने की आवश्यकता बताई, जिसमें शामिल हैं:
- स्थानीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाना
- नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) का विस्तार
- स्टोरेज और ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना
- सप्लाई चेन को आत्मनिर्भर बनाना
इस दिशा में Adani Green Energy Ltd जैसे संगठनों की भूमिका अहम मानी जा रही है।
वैश्विक संदर्भ में भारत की भूमिका
भारत जैसे तेजी से बढ़ते देश के लिए ऊर्जा सुरक्षा केवल आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि रणनीतिक आवश्यकता बन चुकी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भारत घरेलू इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करता है, तो वह:
- वैश्विक संकटों का बेहतर सामना कर सकेगा
- ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम कर सकेगा
- सतत विकास (Sustainable Growth) को बढ़ावा देगा
निष्कर्ष
Sagar Adani का यह बयान मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में बेहद महत्वपूर्ण है। ऊर्जा सुरक्षा और मजबूत घरेलू इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस करके ही देश भविष्य के अनिश्चित जोखिमों से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।
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