नेपाल की नई सरकार ने ‘गुड गवर्नेंस ब्लूप्रिंट, 2082’ पेश की। बालेन शाह और वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले के नेतृत्व में निवेश और विकास को बढ़ावा देने की तैयारी।
बालेन शाह की नई सरकार और आर्थिक प्राथमिकताएं

नेपाल की नई बालेन शाह नेतृत्व वाली सरकार ने सत्ता संभालते ही अपने आर्थिक एजेंडा को प्राथमिकता दी। 29 मार्च को सरकार ने ‘Good Governance Blueprint, 2082’ जारी किया, जिसमें निवेश बढ़ाने और निवेश-अनुकूल वातावरण बनाने के लिए नीतिगत, कानूनी और संरचनात्मक सुधारों का प्रस्ताव रखा गया।
सरकार का उद्देश्य है आंतरिक और विदेशी निवेश में बाधाओं को हटाना और राज्य की भूमिका को नियंत्रक से सुविधा प्रदाता में बदलना।
वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले का चयन
51 वर्षीय स्वर्णिम वाग्ले, जिन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकॉनोमिक्स, हार्वर्ड और ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी से शिक्षा प्राप्त की है, को वित्त मंत्री नियुक्त किया गया।
- पहले वे वर्ल्ड बैंक के वरिष्ठ अर्थशास्त्री और UNDP के एशिया-पैसिफिक मुख्य आर्थिक सलाहकार रहे।
- राजनीतिक रूप से, उन्होंने 2023 में नेपाली कांग्रेस छोड़कर राष्ट्रिय स्वतंत्र पार्टी (RSP) में शामिल हुए।
विश्लेषकों के अनुसार, उनका चयन बाजार और विकास भागीदारों को आश्वस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नेपाल की आर्थिक तस्वीर
वर्ल्ड बैंक रिपोर्ट (Unlocking Nepal’s Growth Potential) के अनुसार:
- 1995 में लगभग 55% लोग अत्यंत गरीबी में जीवनयापन कर रहे थे, जबकि 2023 तक यह घटकर 0.37% रह गया।
- कुल गरीबी दर ($6.85/day) 90% से घटकर 50% से नीचे आ गई।
- मुख्य कारक: श्रमिक प्रवास और प्रवासी रेमिटेंस।
प्रवास और रेमिटेंस की स्थिति:
- 2021 तक 7% से अधिक लोग रोजगार की तलाश में विदेश गए, ज्यादातर GCC देशों और मलेशिया।
- 2023 में रेमिटेंस GDP का लगभग 25% बन चुका।
- हाल के दो सालों में मासिक रेमिटेंस 100 अरब नेपाली रुपये से अधिक।
नेपाल की चुनौतियां और अवसर
हालांकि गरीबी में कमी हुई, गुणवत्तापूर्ण घरेलू रोजगार का सृजन सीमित रहा।
- 1996–2023 के बीच वास्तविक वार्षिक आर्थिक वृद्धि दर 4.2%, दक्षिण एशिया में आठ देशों में छठा स्थान।
- निर्माण और निर्यात कमजोर, अवसंरचना और डिजिटल साक्षरता में कमी।
- पर्यटन और जलविद्युत, जो रोजगार और विकास का बड़ा अवसर हैं, पर्याप्त विकसित नहीं।
- बैंकों में अतिरिक्त तरलता का उत्पादक निवेश में प्रवाह नहीं हो पा रहा।
मुद्रा और विनिमय दर
- नेपाली रुपया 1993 में भारतीय रुपया से जुड़ा (1.6 NPR) और अब तक कोई समायोजन नहीं।
- भारतीय और अमेरिकी मुद्रास्फीति की तुलना में उच्च मुद्रास्फीति ने वास्तविक विनिमय दर को प्रभावित किया।
- सरकार ने चुनाव से पहले विनिमय दर की समीक्षा का वादा किया।
नई सरकार की प्राथमिकताएं
- निवेश अनुकूल माहौल बनाना
- निजी क्षेत्र नेतृत्व में आर्थिक विकास को गति देना
- उद्योग, जलविद्युत, पर्यटन और डिजिटलाइजेशन में सुधार
- रेमिटेंस आधारित अर्थव्यवस्था पर निर्भरता कम करना
विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व की बढ़ती तनावपूर्ण स्थिति रेमिटेंस प्रवाह पर असर डाल सकती है, जिससे घरेलू मांग और विदेशी मुद्रा भंडार प्रभावित हो सकते हैं।
निष्कर्ष
बालेन शाह और स्वर्णिम वाग्ले की जोड़ी नेपाल के आर्थिक सुधार और निवेश अनुकूल माहौल के लिए आशाजनक संकेत देती है। हालांकि, वैश्विक और क्षेत्रीय संकटों की वजह से चुनौतियां बनी हुई हैं। अब देखना यह है कि क्या नई सरकार ‘Sadak Balak’ जैसे लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाने और स्थायी विकास सुनिश्चित करने में सफल हो पाएगी।
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