वंदे मातरम् बहस के दौरान राजनाथ सिंह का ‘कौन बैठाएगा’ बयान संसद में विवाद का कारण बना। सरकार-विपक्ष में तीखी नोकझोंक, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल।
संसद के मानसून सत्र में शुक्रवार को उस समय माहौल गर्म हो गया जब वंदे मातरम् पर हो रही बहस के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्षी सांसदों की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। यह बहस देखते-देखते एक राजनीतिक टकराव में बदल गई, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए।
⭐ घटना क्या हुई?
लोकसभा में चर्चा के दौरान कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने कुछ बातों पर आपत्ति जताई। मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्षी सांसदों को संयम की सलाह दी, लेकिन जब बीच में कुछ सदस्यों ने सवाल दागना शुरू किया, तो उन्होंने सख्त लहजे में कहा:
“कौन बैठाएगा? आप कौन होते हैं?”
उनके इस रिएक्शन ने सदन में कुछ देर माहौल गर्म कर दिया। ये जवाब उस टिप्पणी के संदर्भ में था जिसमें विपक्षी सदस्यों ने बीच में बोलते हुए प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठाए थे।
⭐ राजनाथ सिंह क्यों नाराज़ हुए?
- चर्चा के दौरान बार-बार बाधा डाली जा रही थी
- विपक्ष की ओर से कई तंज और टिप्पणी की गई
- मंत्री ने कहा कि सदन की शुचिता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है
सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि ऐसी टिप्पणियाँ असंसदीय आचरण की श्रेणी में आती हैं और यह लोकतांत्रिक कार्यवाही को प्रभावित करती हैं।
⭐ विपक्ष का क्या कहना है?
विपक्षी दलों ने दावा किया कि:
- सरकार वंदे मातरम् और राष्ट्रवाद को राजनीतिक मुद्दा बना रही है
- विरोध को दबाने के लिए “नैरेटिव” सेट करने की कोशिश हो रही है
- सदन में सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है
कई सांसदों ने कहा कि सरकार चर्चा से ध्यान हटाने के लिए विवाद पैदा कर रही है।
⭐ सोशल मीडिया पर ताबड़तोड़ प्रतिक्रिया
राजनाथ सिंह का यह वीडियो X (Twitter), Instagram और YouTube पर तेजी से फैल गया।
यूजर्स ने इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएँ दीं:
- कुछ ने कहा कि राजनाथ सिंह ने बिल्कुल सही प्रतिक्रिया दी
- कुछ ने इसे “अनावश्यक आक्रामकता” बताया
- कई यूजर्स ने यह सवाल उठाया कि संसद में बार-बार हंगामा क्यों होता है
यह पूरा एपिसोड अब सोशल मीडिया पर एक बड़ा राजनीतिक ट्रेंड बन चुका है।
⭐ राजनीति पर क्या असर होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि:
- यह मुद्दा आने वाले महीनों में राजनीतिक नैरेटिव का हिस्सा बनेगा
- दोनों पक्ष इसे अपने-अपने वोटबेस में भुनाने की कोशिश करेंगे
- वंदे मातरम् जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बहस आगे भी तेज हो सकती है
⭐ निष्कर्ष

वंदे मातरम् के संदर्भ में छिड़ी यह बहस केवल एक वाकये तक सीमित नहीं रहेगी। राजनाथ सिंह का “कौन बैठाएगा?” वाला बयान अब राष्ट्रीय चर्चाओं के केंद्र में है। यह प्रकरण एक बार फिर दिखाता है कि भारतीय संसद में बहस का स्वरूप किस तरह बदल रहा है और राजनीतिक ध्रुवीकरण किस स्तर तक पहुंच चुका है।
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