Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार ने लगातार तीन कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद गुरुवार को राहत की सांस ली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में नजर आए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी, रुपये को लेकर बेहतर संकेत और ग्लोबल बाजारों में सुधार से घरेलू बाजार का सेंटीमेंट मजबूत हुआ है। इस बीच शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग के लिए दो शेयरों में खरीदारी की सलाह दी गई है।
भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीन दिन की गिरावट के बाद गुरुवार को तेजी देखने को मिली। सुबह करीब 10 बजे सेंसेक्स 295.68 अंक यानी 0.39% की बढ़त के साथ 76,866.03 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 86.50 अंक यानी 0.36% चढ़कर 24,000.95 पर पहुंच गया।
बाजार में तेजी का नेतृत्व कई बड़े शेयर कर रहे थे। निफ्टी पर अदाणी पोर्ट्स, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन, एक्सिस बैंक, HDFC बैंक और SBI प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। दूसरी ओर टेक महिंद्रा, नेस्ले, बजाज ऑटो, इंफोसिस और सिप्ला दबाव में कारोबार करते नजर आए।
सेक्टरों की बात करें तो IT इंडेक्स करीब 1% नीचे था। इसके उलट बैंकिंग, रियल्टी और मेटल इंडेक्स में करीब 1-1% की तेजी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स लगभग सपाट रहा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में करीब 0.7% की बढ़त रही।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से बाजार को सहारा
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार के मुताबिक, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में थोड़ी कमी आने से भारतीय बाजार के मूड में सुधार की उम्मीद है।
उन्होंने रुपये के लिहाज से भी एक सकारात्मक संकेत की ओर इशारा किया। उनके मुताबिक, कंसेशनल स्वैप सुविधा के तहत करीब 136 अरब डॉलर की बड़ी रकम जुटाई गई है। वहीं FCNR(B) स्कीम के तहत जुटाई गई करीब 127 अरब डॉलर की रकम अनुमान से काफी ज्यादा रही।
इसका असर रुपये की स्थिरता पर पड़ सकता है। अगर रुपया अपेक्षाकृत स्थिर रहता है तो विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार पर भरोसा बढ़ सकता है। विजयकुमार का मानना है कि बेहतर ग्रोथ और कमाई की संभावनाओं के चलते अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ऊंची रहने के बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs की भारत में खरीदारी जारी रह सकती है।
इसके अलावा बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में FCNR(B) फंड जुटाने से उनके नेट इंटरेस्ट मार्जिन यानी NIMs को भी फायदा मिल सकता है। ऐसे में बैंकिंग शेयरों के लिए यह एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
गिरावट के बावजूद संस्थागत निवेशकों ने की भारी खरीदारी
पिछले कारोबारी सत्र में निफ्टी करीब 141 अंक गिरा था। हालांकि, बाजार की गिरावट के बीच एक महत्वपूर्ण बात यह रही कि संस्थागत निवेशकों ने कुल मिलाकर करीब ₹9,500 करोड़ की खरीदारी की।
आंकड़ों के मुताबिक, इसमें FII की खरीदारी करीब ₹6,688 करोड़ और DII की खरीदारी करीब ₹2,812 करोड़ रही।
इससे संकेत मिलता है कि पिछली गिरावट में संस्थागत निवेशकों की तरफ से बड़े पैमाने पर बिकवाली नहीं हुई। बाजार में आई कमजोरी का इस्तेमाल रिटेल निवेशकों, प्रोप्राइटरी ट्रेडर्स और शॉर्ट सेलर्स की गतिविधियों के लिए भी किया गया।
अब बाजार में तेजी लौटने की स्थिति में इस ट्रेंड में बदलाव देखने को मिल सकता है।
ग्लोबल संकेतों से भी बाजार को मिली मजबूती
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर के मुताबिक, वॉल स्ट्रीट के सकारात्मक रुख के साथ बंद होने से वैश्विक संकेत बेहतर हुए हैं। एशियाई बाजारों में भी राहत की रैली देखने को मिल रही है और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई है।
हालांकि, भारतीय बाजार के लिए कुछ जोखिम अभी भी बने हुए हैं। अमेरिका-ईरान तनाव और करीब $95 प्रति बैरल के आसपास कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बाजार के लिए चुनौती बनी हुई हैं। अगर क्रूड लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रहता है तो इससे भारत के आयात बिल और रुपये पर दबाव पड़ सकता है।
Nifty पर क्या है ट्रेडिंग रणनीति?
CNBC-आवाज़ के मार्केट एक्सपर्ट वीरेंद्र कुमार के मुताबिक, निफ्टी के लिए शुरुआती रेजिस्टेंस 23,951-24,013 के जोन में है। इसके ऊपर अगला महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस 24,078-24,121/24,173 के स्तर पर देखा जा सकता है।
वहीं निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट जोन 23,781-23,841 है। इसके नीचे कमजोरी बढ़ने पर अगला बेस 23,733-23,767 के स्तर पर बन सकता है।
निफ्टी के अहम स्तर
- पहला रेजिस्टेंस: 23,951-24,013
- बड़ा रेजिस्टेंस: 24,078-24,121/24,173
- पहला सपोर्ट: 23,781-23,841
- बड़ा सपोर्ट: 23,733-23,767
Bank Nifty पर क्या करें?
बैंक निफ्टी के लिए भी वीरेंद्र कुमार ने अहम लेवल बताए हैं। उनके मुताबिक, इंडेक्स का पहला रेजिस्टेंस 57,281-57,341 के जोन में है। इसके ऊपर अगला बड़ा रेजिस्टेंस 57,640-57,780/57,910 के स्तर पर है।
वहीं नीचे की तरफ बैंक निफ्टी का पहला सपोर्ट 56,830-57,010 और बड़ा सपोर्ट 56,530-56,680 के जोन में है।
Bank Nifty के अहम स्तर
- पहला रेजिस्टेंस: 57,281-57,341
- बड़ा रेजिस्टेंस: 57,640-57,780/57,910
- पहला सपोर्ट: 56,830-57,010
- बड़ा सपोर्ट: 56,530-56,680
शॉर्ट टर्म में इन 2 शेयरों पर रखें नजर
शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग के लिहाज से Equinox Research & Advisors के पंकज रांदड़ ने दो फ्यूचर्स स्टॉक्स में खरीदारी की रणनीति बताई है।
1. Adani Ports Futures
अदाणी पोर्ट्स फ्यूचर्स में करीब ₹1,675 के आसपास खरीदारी की सलाह दी गई है। इसके लिए ₹1,658 का स्टॉपलॉस रखा गया है, जबकि ₹1,715 का टारगेट दिया गया है।
यानी ट्रेडिंग सेटअप में मौजूदा स्तर से ऊपर की ओर तेजी आने की स्थिति में करीब ₹40 का संभावित अपसाइड नजर आता है। हालांकि, फ्यूचर्स ट्रेडिंग में जोखिम अधिक होता है और निवेशकों को अपनी जोखिम क्षमता के हिसाब से ही पोजीशन लेनी चाहिए।
2. Muthoot Finance Futures
दूसरा शेयर मुथूट फाइनेंस फ्यूचर्स है। पंकज रांदड़ ने इसमें ₹2,941 के ऊपर खरीदारी की रणनीति बताई है। इसके लिए ₹2,941 का स्टॉपलॉस और ₹3,003 का टारगेट रखा गया है।
अगर शेयर बताए गए ट्रिगर लेवल के ऊपर टिकता है तो इसमें शॉर्ट टर्म में तेजी की संभावना पर नजर रखी जा सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
तीन सत्रों की लगातार गिरावट के बाद बाजार में आई तेजी ने निवेशकों को थोड़ी राहत दी है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी, संस्थागत निवेशकों की खरीदारी और बैंकिंग शेयरों में मजबूती बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमत, भू-राजनीतिक तनाव और रुपये की चाल आगे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे में ट्रेडर्स को सिर्फ तेजी देखकर पोजीशन लेने के बजाय बताए गए सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल पर भी नजर रखनी चाहिए।
महत्वपूर्ण: ऊपर बताए गए शेयरों में खरीदारी की सलाह संबंधित मार्केट एक्सपर्ट की है। यह लेख किसी भी तरह की निवेश सलाह या शेयर खरीदने-बेचने की सिफारिश नहीं है।
डिस्क्लेमर: newsjagran.in पर प्रकाशित बाजार संबंधी विचार और ट्रेडिंग रणनीतियां संबंधित एक्सपर्ट के निजी विचार हैं। NewsJagran.in या इसका मैनेजमेंट इन विचारों की जिम्मेदारी नहीं लेता। शेयर बाजार में निवेश और खासकर फ्यूचर्स ट्रेडिंग में बाजार जोखिम शामिल है। निवेशकों को कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले SEBI-रजिस्टर्ड और सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार की सलाह लेनी चाहिए।


