RBL Bank Share: प्राइवेट सेक्टर के RBL Bank के शेयर में गुरुवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। विदेशी ब्रोकरेज फर्म Citi ने बैंक के शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹440 का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक Emirates NBD के साथ बैंक के रिश्ते का फायदा उसे FCNR(B) डिपॉजिट बढ़ाने में मिला है।
प्राइवेट सेक्टर के RBL Bank के शेयरों में 3 सितंबर को शुरुआती कारोबार के दौरान अच्छी तेजी देखने को मिली। शेयर में तेजी के पीछे विदेशी ब्रोकरेज फर्म Citi की रिपोर्ट को प्रमुख वजह माना जा रहा है। Citi ने RBL Bank पर अपनी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है और शेयर के लिए ₹440 का टारगेट प्राइस दिया है।
यह टारगेट 2 सितंबर के क्लोजिंग प्राइस ₹388.80 से करीब 13 फीसदी ज्यादा है। वहीं, 3 सितंबर को सुबह 10:15 बजे RBL Bank का शेयर करीब 4.07 फीसदी की तेजी के साथ ₹405.25 पर कारोबार कर रहा था।
Emirates NBD के साथ रिश्ते से RBL Bank को फायदा
Citi की रिपोर्ट के मुताबिक RBL Bank को अपने प्रमोटर्स के Emirates NBD के साथ संबंधों का फायदा मिला है। बैंक ने UAE से FCNR(B) के जरिए बड़ी मात्रा में डॉलर डिपॉजिट जुटाए हैं।
बैंक का ग्रॉस FCNR(B) डिपॉजिट करीब 3.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। भारतीय मुद्रा में इसकी वैल्यू करीब ₹32,472 करोड़ बैठती है। Citi ने इसे एक मिड-साइज बैंक के लिहाज से काफी बड़ा डिपॉजिट बेस बताया है।
FCNR(B) यानी Foreign Currency Non-Resident (Bank) Account के तहत NRI ग्राहक विदेशी मुद्रा में अपनी जमा राशि रख सकते हैं। ऐसे डिपॉजिट बैंक के लिए विदेशी मुद्रा फंडिंग का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन सकते हैं।
बैंक की कमाई पर दिख सकता है असर
Citi का मानना है कि FCNR(B) डिपॉजिट में हुई बढ़ोतरी का असर आने वाले समय में RBL Bank की कमाई पर भी दिखाई दे सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक बैंक के कुल डिपॉजिट में FCNR(B) डिपॉजिट की हिस्सेदारी करीब 26 फीसदी हो गई है। वहीं, FCNR(B) के जरिए आए कुल डिपॉजिट में RBL Bank की हिस्सेदारी करीब 2.7 फीसदी बताई गई है।
ब्रोकरेज के अनुमान के मुताबिक बढ़ते डिपॉजिट से बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में करीब 7 फीसदी की वृद्धि हो सकती है। इसके अलावा वित्त वर्ष 2027 में बैंक का प्री-प्रोविजनिंग प्रॉफिट (PPOP) करीब 10 फीसदी बढ़ने का अनुमान है।
FCNR(B) स्वैप फैसिलिटी को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स
देश में FCNR(B) डिपॉजिट बढ़ने के पीछे भारतीय रिजर्व बैंक की FCNR(B) स्वैप फैसिलिटी भी महत्वपूर्ण रही है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक इस सुविधा के जरिए करीब 127.2 अरब डॉलर का डिपॉजिट आया है।
खास बात यह है कि इसमें से करीब 62 अरब डॉलर का डिपॉजिट अंतिम 10 दिनों में आया। अगर एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग्स और ओवरसीज बॉरोइंग्स को भी शामिल किया जाए, तो कुल इनफ्लो 136 अरब डॉलर से ज्यादा हो जाता है।
इसका फायदा सिर्फ RBL Bank को ही नहीं, बल्कि कई अन्य भारतीय बैंकों को भी FCNR(B) के जरिए डिपॉजिट बढ़ाने में मिला है।
एक साल में 50% चढ़ चुका है RBL Bank का शेयर
RBL Bank के शेयर ने पिछले एक साल में निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है। 2 सितंबर को शेयर 2.18 फीसदी की तेजी के साथ ₹388.80 पर बंद हुआ था।
इसके बाद 3 सितंबर को शुरुआती कारोबार में शेयर ने करीब 4 फीसदी की छलांग लगाई और सुबह 10:15 बजे ₹405.25 पर पहुंच गया।
पिछले एक साल में RBL Bank का शेयर करीब 50 फीसदी चढ़ चुका है। वहीं, 2026 में अब तक शेयर का रिटर्न 28 फीसदी से ज्यादा रहा है।
हालांकि, किसी भी शेयर में पिछला रिटर्न भविष्य में भी उसी प्रदर्शन की गारंटी नहीं देता। निवेशकों को बैंक की एसेट क्वालिटी, NIM, क्रेडिट ग्रोथ, डिपॉजिट कॉस्ट और तिमाही नतीजों जैसे फैक्टर्स पर भी नजर रखनी चाहिए।
शेयर बाजार में भी दिखी रिकवरी
3 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में भी शुरुआती कारोबार के दौरान तेजी देखने को मिली। लगातार कुछ कमजोर सत्रों के बाद प्रमुख सूचकांकों में रिकवरी नजर आई।
सुबह 11:20 बजे निफ्टी करीब 85 अंक यानी 0.35 फीसदी की बढ़त के साथ 23,998 के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं, सेंसेक्स करीब 291 अंक यानी 0.36 फीसदी ऊपर 76,854 के स्तर पर था।
बैंकिंग शेयरों में भी खरीदारी का माहौल रहा। बैंक निफ्टी करीब 0.89 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार करता नजर आया। ऐसे बाजार माहौल में RBL Bank जैसे बैंकिंग शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
Citi की Buy रेटिंग और ₹440 का टारगेट RBL Bank के शेयर को लेकर ब्रोकरेज का सकारात्मक नजरिया दिखाता है। खासतौर पर बैंक के FCNR(B) डिपॉजिट में बढ़ोतरी और इससे संभावित NII तथा PPOP ग्रोथ को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
फिर भी निवेशकों को सिर्फ ब्रोकरेज टारगेट के आधार पर निवेश का फैसला नहीं लेना चाहिए। बैंक की भविष्य की कमाई, डिपॉजिट ग्रोथ, ब्याज मार्जिन, लोन बुक और एसेट क्वालिटी जैसे संकेतकों की समीक्षा करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध बाजार आंकड़ों और ब्रोकरेज रिपोर्ट पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।


