भारत में अरबपतियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। देश के सबसे अमीर लोगों की सूची में अलग-अलग समुदायों से आने वाले कई बड़े कारोबारी शामिल हैं। इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, विप्रो के संस्थापक अजीम प्रेमजी, बर्जर पेंट्स से जुड़े ढींगरा बंधु और मुथूट परिवार के जॉर्ज जैकब मुथूट जैसे नाम प्रमुख हैं।
अगर समुदाय के आधार पर भारत के सबसे अमीर अरबपतियों की बात करें, तो हर वर्ग में कुछ बेहद बड़े कारोबारी शामिल हैं। इनमें सबसे ऊपर मुकेश अंबानी का नाम आता है। वहीं, मुस्लिम समुदाय से सबसे अमीर कारोबारी के तौर पर अजीम प्रेमजी का नाम प्रमुख है।
Highlights
- भारत के सबसे अमीर हिंदू अरबपति: मुकेश अंबानी
- भारत के सबसे अमीर मुस्लिम अरबपति: अजीम हाशिम प्रेमजी
- भारत के सबसे अमीर सिख अरबपति: कुलदीप सिंह ढींगरा और गुरबचन सिंह ढींगरा
- भारत के सबसे अमीर ईसाई अरबपति: जॉर्ज जैकब मुथूट
- चारों में सबसे ज्यादा संपत्ति मुकेश अंबानी के पास है।
भारत के सबसे अमीर हिंदू अरबपति हैं मुकेश अंबानी
भारत के सबसे अमीर हिंदू अरबपति के तौर पर मुकेश अंबानी का नाम सबसे ऊपर आता है। वह रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और देश के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में से एक के प्रमुख हैं।
दिए गए फोर्ब्स रियल-टाइम बिलेनियर डेटा के मुताबिक, मुकेश अंबानी की संपत्ति करीब 89.9 अरब डॉलर बताई गई है। भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब 8.5 लाख करोड़ रुपये के आसपास बैठती है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का कारोबार पेट्रोकेमिकल्स, तेल और गैस, टेलीकॉम, रिटेल, मीडिया और अन्य क्षेत्रों में फैला हुआ है। रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल के विस्तार ने भी समूह को भारत के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भारत के सबसे अमीर मुस्लिम अरबपति अजीम प्रेमजी
मुस्लिम समुदाय से भारत के सबसे अमीर अरबपति के रूप में अजीम हाशिम प्रेमजी का नाम लिया जाता है। वह देश की प्रमुख आईटी कंपनियों में शामिल विप्रो के संस्थापक हैं।
दिए गए फोर्ब्स रियल-टाइम आंकड़ों के अनुसार अजीम प्रेमजी की नेट वर्थ करीब 8.2 अरब डॉलर, यानी लगभग 77 हजार करोड़ रुपये है।
अजीम प्रेमजी ने विप्रो को एक बड़े भारतीय टेक्नोलॉजी और आईटी सर्विसेज कारोबार में बदलने में अहम भूमिका निभाई। आज कंपनी दुनिया के कई देशों में आईटी सेवाएं और डिजिटल सॉल्यूशंस उपलब्ध कराती है।
कारोबार के साथ-साथ अजीम प्रेमजी अपनी परोपकारी गतिविधियों के लिए भी जाने जाते हैं। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहा है।
भारत के सबसे अमीर सिख अरबपति हैं ढींगरा बंधु
भारत के सबसे अमीर सिख कारोबारियों में कुलदीप सिंह ढींगरा और गुरबचन सिंह ढींगरा का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। दोनों भाई बर्जर पेंट्स से जुड़े हुए हैं।
दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, कुलदीप सिंह ढींगरा की नेट वर्थ करीब 2.6 अरब डॉलर, यानी लगभग 24 हजार करोड़ रुपये है। गुरबचन सिंह ढींगरा की संपत्ति भी लगभग इतनी ही बताई गई है।
ढींगरा परिवार का नाम बर्जर पेंट्स के कारोबार से जुड़ा है। कंपनी भारतीय पेंट उद्योग की प्रमुख कंपनियों में शामिल है और देशभर में इसका मजबूत कारोबार है।
गुरबचन सिंह ढींगरा बर्जर पेंट्स इंडिया के वाइस चेयरमैन एमेरिटस रह चुके हैं। दोनों भाइयों की कारोबारी सफलता ने उन्हें भारत के सबसे संपन्न सिख कारोबारी परिवारों में शामिल किया है।
भारत के सबसे अमीर ईसाई अरबपति जॉर्ज जैकब मुथूट
ईसाई समुदाय के सबसे अमीर कारोबारियों की बात करें तो जॉर्ज जैकब मुथूट का नाम प्रमुखता से सामने आता है। वह मुथूट परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जो भारत के प्रमुख वित्तीय कारोबारी परिवारों में से एक है।
दिए गए आंकड़ों के अनुसार जॉर्ज जैकब मुथूट की नेट वर्थ करीब 2.4 अरब डॉलर, यानी लगभग 24 हजार करोड़ रुपये बताई गई है।
मुथूट परिवार का सबसे प्रमुख कारोबार गोल्ड लोन से जुड़ा है। मुथूट फाइनेंस सोने के बदले कर्ज देने वाली भारत की प्रमुख कंपनियों में शामिल है।
जॉर्ज जैकब मुथूट अपने भाइयों के साथ मिलकर मुथूट समूह के कारोबार से जुड़े रहे हैं। मुथूट परिवार की कुल संपत्ति इससे कहीं अधिक है और परिवार के कई सदस्य समूह की अलग-अलग कंपनियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
चारों में सबसे अमीर कौन?
अगर इन चारों समुदायों से जुड़े प्रमुख अरबपतियों की संपत्ति की तुलना करें, तो मुकेश अंबानी सबसे आगे नजर आते हैं।
दिए गए आंकड़ों के आधार पर क्रम इस तरह बनता है:
- मुकेश अंबानी – करीब 89.9 अरब डॉलर
- अजीम प्रेमजी – करीब 8.2 अरब डॉलर
- कुलदीप सिंह ढींगरा – करीब 2.6 अरब डॉलर
- गुरबचन सिंह ढींगरा – करीब 2.6 अरब डॉलर
- जॉर्ज जैकब मुथूट – करीब 2.4 अरब डॉलर
इस तुलना से साफ है कि चारों समुदायों के प्रमुख अमीर कारोबारियों में मुकेश अंबानी की संपत्ति बाकी नामों की तुलना में काफी ज्यादा है। वहीं अजीम प्रेमजी इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं।
नोट: अरबपतियों की नेट वर्थ शेयर बाजार, कंपनियों के मूल्यांकन और मुद्रा विनिमय दरों के साथ लगातार बदलती रहती है। इसलिए ऊपर दिए गए आंकड़े संबंधित समय के उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर हैं और समय के साथ इनमें बदलाव संभव है।


