नई दिल्ली, 17 अप्रैल: संसद के विशेष सत्र के दौरान Raghav Chadha ने अपनी ही पार्टी Aam Aadmi Party (AAP) के नेतृत्व पर तीखा तंज कसते हुए राज्यसभा में हलचल पैदा कर दी।
चड्ढा ने सदन में बोलते हुए कहा कि उनकी पार्टी के नेता और नए डिप्टी लीडर—दोनों ही सदन में मौजूद नहीं हैं, जबकि वे खुद, जिन्हें हाल ही में डिप्टी लीडर पद से हटाया गया, उपस्थित हैं।
“मैं हटाया गया डिप्टी हूं, लेकिन यहां हूं”
राज्यसभा में बोलते हुए Raghav Chadha ने कहा:
“जिस पार्टी से मैं आता हूं, उसके नेता सदन में मौजूद नहीं हैं। नए नियुक्त डिप्टी लीडर भी मौजूद नहीं हैं। मैं हाल ही में हटाया गया डिप्टी लीडर हूं, और मैं यहां मौजूद हूं…”
उनका यह बयान सीधे तौर पर पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े करता नजर आया और इसे आंतरिक मतभेद का सार्वजनिक संकेत माना जा रहा है।
पार्टी में क्या चल रहा है?
AAP के भीतर पिछले कुछ दिनों से खींचतान की खबरें सामने आ रही हैं।
- Sanjay Singh राज्यसभा में AAP के नेता हैं
- Ashok Kumar Mittal को 2 अप्रैल को नया डिप्टी लीडर बनाया गया
- Raghav Chadha को इस पद से हटा दिया गया
पार्टी ने इसे शुरुआत में “रूटीन बदलाव” बताया, लेकिन जल्द ही यह मामला सार्वजनिक विवाद में बदल गया।
आरोप और जवाब
पार्टी के कुछ नेताओं ने चड्ढा पर आरोप लगाए कि:
- वे पार्टी लाइन का पालन नहीं कर रहे
- दिल्ली एक्साइज पॉलिसी जैसे मुद्दों पर चुप रहे
- संसद में सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख नहीं अपनाया
यहां तक कहा गया कि वे “soft PR” कर रहे हैं।
इन आरोपों पर Raghav Chadha ने जवाब देते हुए कहा:
“मैं अपने काम को बोलने दूंगा”
उन्होंने अपने संसदीय रिकॉर्ड साझा करते हुए आरोपों को “झूठ” बताया और कहा कि उनका काम जनता के मुद्दे उठाना है, न कि सिर्फ विरोध करना।
सुरक्षा पर भी सियासत
इस विवाद के बीच एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया:
- पंजाब सरकार ने उनकी Z+ सुरक्षा वापस ले ली
- इसके बाद केंद्र सरकार ने उन्हें Z कैटेगरी सुरक्षा प्रदान की
यह कदम भी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है और इसे पार्टी के भीतर तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
सदन में अलग ही संदेश
राज्यसभा में अपने बयान के दौरान, Raghav Chadha ने Harivansh Narayan Singh को दोबारा उपसभापति चुने जाने पर बधाई भी दी।
हालांकि, उनके मुख्य बयान का फोकस साफ था—
पार्टी नेतृत्व की अनुपस्थिति और अपनी सक्रियता को उजागर करना।
क्या संकेत देता है यह घटनाक्रम?
यह पूरा मामला कई संकेत देता है:
1. AAP के भीतर मतभेद
सार्वजनिक मंच पर इस तरह का बयान पार्टी में गंभीर अंदरूनी खींचतान की ओर इशारा करता है।
2. नेतृत्व बनाम युवा चेहरा
Raghav Chadha को AAP का युवा और प्रभावशाली चेहरा माना जाता रहा है। ऐसे में उनका अलग रुख पार्टी के लिए चुनौती बन सकता है।
3. 2026 की राजनीति पर असर
यह विवाद आगे चलकर पार्टी की रणनीति और छवि दोनों को प्रभावित कर सकता है।
निष्कर्ष: एक बयान, कई सवाल
राज्यसभा में दिया गया Raghav Chadha का यह बयान सिर्फ एक तंज नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संकेत है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है:
- क्या यह सिर्फ अस्थायी मतभेद है?
- या AAP में कोई बड़ा बदलाव आने वाला है?
आने वाले दिनों में पार्टी की प्रतिक्रिया और आगे की रणनीति इस कहानी को और स्पष्ट करेगी।
Also Read:


