नई दिल्ली | 29 अप्रैल 2026 भारत के उभरते क्लाइमेट टेक इकोसिस्टम में एक और महत्वपूर्ण निवेश देखने को मिला है। गुरुग्राम आधारित स्टार्टअप Prithu ने ₹10 करोड़ की फंडिंग जुटाई है, जिसका नेतृत्व Transition VC ने किया।
यह निवेश ऐसे समय पर आया है जब दुनिया भर में कार्बन उत्सर्जन कम करने और nature-based solutions पर जोर तेजी से बढ़ रहा है।
फंडिंग का इस्तेमाल कहां होगा?
कंपनी के अनुसार, यह नई पूंजी कई अहम क्षेत्रों में लगाई जाएगी:
- ग्राउंड ऑपरेशंस का विस्तार
- छोटे किसानों (smallholder farmers) को प्लेटफॉर्म से जोड़ना
- ब्लॉकचेन आधारित MRV सिस्टम को मजबूत करना
- ग्लोबल खरीदारों के साथ long-term agreements बढ़ाना
यानी कंपनी सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि ग्राउंड लेवल इम्पैक्ट पर भी फोकस कर रही है।
NewsJagran Analysis: क्या है Prithu का मॉडल?
Prithu एक ऐसे सेक्टर में काम कर रहा है, जो आने वाले वर्षों में बेहद महत्वपूर्ण बनने वाला है—carbon removal।
Nature-based solutions क्या हैं?
यह ऐसे उपाय होते हैं जो:
- पेड़ लगाना
- मिट्टी की गुणवत्ता सुधारना
- प्राकृतिक तरीके से कार्बन स्टोर करना
यानी टेक्नोलॉजी + प्रकृति का संयोजन
Blockchain क्यों अहम है?
Prithu का सबसे दिलचस्प पहलू है इसका MRV सिस्टम (Monitoring, Reporting, Verification)
- हर कार्बन क्रेडिट को ट्रैक किया जाता है
- डेटा पारदर्शी और सुरक्षित रहता है
- ग्लोबल खरीदारों का भरोसा बढ़ता है
यहां ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी एक trust layer की तरह काम करती है
ग्लोबल मार्केट का कनेक्शन
कंपनी का लक्ष्य सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है।
- इंटरनेशनल कंपनियां कार्बन क्रेडिट खरीदना चाहती हैं
- Net-zero targets के चलते मांग तेजी से बढ़ रही है
Prithu इन दोनों को जोड़ने का काम कर रहा है:
भारतीय किसान + ग्लोबल कार्बन मार्केट
किसानों के लिए क्या फायदा?
इस मॉडल का सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिल सकता है:
- अतिरिक्त आय का स्रोत
- टिकाऊ खेती को बढ़ावा
- जलवायु बदलाव से निपटने में मदद
यह “क्लाइमेट एक्शन” को आर्थिक अवसर में बदलता है
भारत में Climate Tech का बढ़ता ट्रेंड
पिछले कुछ वर्षों में भारत में:
- Climate startups में निवेश बढ़ा है
- ESG (Environmental, Social, Governance) पर फोकस बढ़ा
- सरकार और प्राइवेट सेक्टर दोनों सक्रिय हैं
इस फंडिंग को उसी ट्रेंड का हिस्सा माना जा रहा है
आगे क्या?
विशेषज्ञों के अनुसार:
- Carbon credit market आने वाले वर्षों में कई गुना बढ़ सकता है
- भारत जैसे देशों की भूमिका इसमें अहम होगी
- Tech + Agriculture + Sustainability का यह मॉडल तेजी से स्केल हो सकता है
निष्कर्ष
Prithu की ₹10 करोड़ की फंडिंग सिर्फ एक निवेश नहीं, बल्कि एक संकेत है कि भारत का क्लाइमेट टेक सेक्टर अब तेजी से आगे बढ़ रहा है।
यह मॉडल दिखाता है कि कैसे टेक्नोलॉजी, किसानों और ग्लोबल मार्केट को जोड़कर सस्टेनेबल और प्रॉफिटेबल इकोसिस्टम बनाया जा सकता है।
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