मुंबई, 29 अप्रैल: भारत के वित्तीय सेक्टर में नॉन-बैंकिंग लेंडर्स यानी NBFCs की भूमिका तेजी से बढ़ रही है, खासकर उन ग्राहकों तक पहुंचने में जो पहली बार क्रेडिट सिस्टम से जुड़ रहे हैं। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, नए-टू-क्रेडिट (NTC) ग्राहकों में NBFCs सबसे आगे हैं।
NBFCs की मजबूत लीडरशिप
क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनी CRIF High Mark की रिपोर्ट बताती है कि:
- कुल NTC अकाउंट्स में 60% हिस्सेदारी NBFCs की है
- यह डेटा फरवरी 2026 तक के 12 महीनों का है
- बैंकिंग सिस्टम की तुलना में NBFCs की पहुंच ज्यादा आक्रामक रही है
New-to-Credit (NTC) ग्राहक क्या हैं?
NTC ग्राहक वे लोग होते हैं जो पहली बार:
- लोन लेते हैं
- क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं
- औपचारिक बैंकिंग क्रेडिट सिस्टम में आते हैं
यह भारत जैसे देश में फाइनेंशियल इनक्लूजन (financial inclusion) का एक महत्वपूर्ण संकेतक है।
महिलाओं की भागीदारी में बड़ा बदलाव
रिपोर्ट में एक और महत्वपूर्ण ट्रेंड सामने आया है:
- 5 साल पहले महिलाओं की हिस्सेदारी: 33%
- फरवरी 2026 में बढ़कर: 41%
इससे साफ है कि महिलाएं अब क्रेडिट सिस्टम में ज्यादा सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
NBFCs क्यों आगे हैं?
CRIF High Mark के अनुसार NBFCs की सफलता के पीछे कई कारण हैं:
1. आसान क्रेडिट एक्सेस
- कम डॉक्यूमेंटेशन
- तेज लोन अप्रूवल
2. डिजिटल लेंडिंग मॉडल
- मोबाइल ऐप आधारित लोन
- फिनटेक पार्टनरशिप
3. अनबैंक्ड सेगमेंट तक पहुंच
- ग्रामीण और छोटे शहरों में मजबूत नेटवर्क
- पहली बार लोन लेने वालों पर फोकस
भारत में क्रेडिट विस्तार का ट्रेंड
भारत में क्रेडिट इकोसिस्टम तेजी से बदल रहा है:
- डिजिटल लोन की मांग बढ़ रही है
- युवा और पहली बार उधार लेने वाले ग्राहक बढ़ रहे हैं
- NBFCs और फिनटेक कंपनियां बाजार में तेजी से विस्तार कर रही हैं
आर्थिक महत्व
NTC ग्राहकों का बढ़ना अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है क्योंकि:
- यह वित्तीय समावेशन (financial inclusion) को बढ़ाता है
- उपभोग (consumption) में वृद्धि करता है
- छोटे व्यवसायों को फंडिंग मिलती है
- महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ती है
निष्कर्ष
CRIF High Mark की रिपोर्ट यह दर्शाती है कि भारत में NBFCs नए-टू-क्रेडिट ग्राहकों को जोड़ने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही महिलाओं की बढ़ती भागीदारी यह संकेत देती है कि देश का क्रेडिट सिस्टम अधिक समावेशी (inclusive) और व्यापक हो रहा है।
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