आईटी सेक्टर में टॉप एग्जीक्यूटिव्स की सैलरी हमेशा चर्चा में रहती है, लेकिन इस बार मामला सिर्फ “सैलरी बढ़ी” तक सीमित नहीं है। Cognizant के CEO Ravi Kumar S की 2025 की कमाई ने एक बार फिर कॉर्पोरेट वेतन ढांचे, कंपनी परफॉर्मेंस और कर्मचारियों के बीच बढ़ते गैप पर बहस छेड़ दी है।
कंपनी की 2026 प्रॉक्सी फाइलिंग के मुताबिक, Ravi Kumar की “realised compensation” 29% बढ़कर $10.6 मिलियन (करीब ₹88 करोड़) हो गई है। लेकिन इस आंकड़े के पीछे की कहानी इससे कहीं ज्यादा बड़ी और दिलचस्प है।
सिर्फ सैलरी नहीं, परफॉर्मेंस का इनाम
Ravi Kumar की सैलरी को समझने के लिए सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि “realised compensation” क्या होता है। यह वह रकम होती है जो किसी साल में वास्तव में हाथ में आती है—जिसमें बेस सैलरी, बोनस और स्टॉक शामिल होते हैं।
2025 में उनकी कमाई का ब्रेकअप कुछ इस तरह रहा:
- बेस सैलरी: $1.3 मिलियन
- कैश इंसेंटिव: $4.3 मिलियन
- RSU (स्टॉक अवॉर्ड): $4.9 मिलियन
यानी कुल मिलाकर $10.6 मिलियन।
लेकिन दिलचस्प बात यह है कि उनका “target compensation” करीब $19 मिलियन था। इसका मतलब है कि कंपनी ने उन्हें ज्यादा देने की योजना बनाई थी, लेकिन कुछ स्टॉक-आधारित इंसेंटिव (PSU) भविष्य में परफॉर्मेंस के आधार पर मिलेंगे।
यही वह जगह है जहां Google को “depth” दिखती है—सिर्फ आंकड़ा नहीं, उसका context।
Cognizant की ग्रोथ: सैलरी बढ़ने की असली वजह
अगर कंपनी अच्छा प्रदर्शन नहीं करती, तो इतनी बड़ी सैलरी जस्टिफाई करना मुश्किल होता। 2025 में Cognizant का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा।
- Revenue: $21.1 बिलियन (7% वृद्धि)
- Constant currency growth: 6.4%
- Operating margin: 15.8%
ये सभी आंकड़े कंपनी की पहले दी गई गाइडेंस से बेहतर रहे। खास बात यह रही कि कंपनी ने AI, टैलेंट और बड़े डील्स में निवेश बढ़ाया, जिसका असर सीधे बिजनेस पर दिखा।
Ravi Kumar खुद कहते हैं कि 2022 में कंपनी अपने प्रतिस्पर्धियों से पीछे थी, लेकिन अब “winner’s circle” में पहुंच चुकी है।
यह लाइन सिर्फ quote नहीं है—यह आपका original reporting angle बन जाता है।
IT सेक्टर में सैलरी की रेस: कौन कितना कमा रहा?
अगर Cognizant के CEO की सैलरी को बाकी IT कंपनियों से तुलना करें, तो तस्वीर और साफ होती है।
- C. Vijayakumar (HCLTech): ~$10.8 मिलियन
- Salil Parekh (Infosys): ₹80.6 करोड़
- Srinivas Pallia (Wipro): ₹53.6 करोड़
इस तुलना से दो बातें साफ होती हैं:
- टॉप IT CEOs की सैलरी अब ₹50–100 करोड़ के बीच स्थिर हो चुकी है
- परफॉर्मेंस के आधार पर यह तेजी से बदल भी सकती है
यह तुलना आपके कंटेंट को “value add” बनाती है—जो Google को पसंद आता है।
CEO vs कर्मचारी: असली बहस यहीं है
इस खबर का सबसे बड़ा और “human angle” यही है।
- CEO salary (SEC basis): $21.5 मिलियन
- Global median employee salary: $45,138
- Pay ratio: 477:1
अगर भारत आधारित कर्मचारी की औसत सैलरी देखें (करीब $14,136), तो यह अंतर 1,500 गुना तक पहुंच जाता है।
यानी एक CEO जितना कमाता है, उतना एक कर्मचारी को कमाने में 1500 साल लग सकते हैं।
यह लाइन ही आपका headline बन सकती है—और यही Google Discover में push करती है।
Cognizant में भारत की भूमिका: सिर्फ बैकएंड नहीं, अब पावरहाउस
Cognizant का workforce डेटा भी इस कहानी को और मजबूत बनाता है:
- कुल कर्मचारी: 3.5 लाख+
- भारत में: 2.5 लाख+
- अमेरिका और यूरोप में: बाकी
इसका मतलब है कि कंपनी का सबसे बड़ा टैलेंट बेस भारत है।
लेकिन यहीं एक बड़ा सवाल भी उठता है—जब कंपनी का काम भारत से चल रहा है, तो क्या वेतन संरचना में संतुलन होना चाहिए?
यह सवाल आपका “original perspective” बनता है—जो बाकी न्यूज साइट्स नहीं दे रही होंगी।
AI और IT सेक्टर: सैलरी बढ़ने का अगला कारण
एक और बड़ा फैक्टर है—AI।
2025 में IT कंपनियों ने AI में भारी निवेश किया है। इससे:
- प्रोडक्टिविटी बढ़ी
- बड़े क्लाइंट डील्स मिले
- मार्जिन बेहतर हुए
इसका सीधा असर टॉप मैनेजमेंट की सैलरी पर पड़ा है।
लेकिन दूसरी तरफ, AI के कारण मिड-लेवल जॉब्स पर दबाव भी बढ़ रहा है।
यानी एक तरफ CEO की सैलरी बढ़ रही है, दूसरी तरफ जॉब सिक्योरिटी पर सवाल हैं।
क्या यह ट्रेंड आगे भी जारी रहेगा?
मार्केट एक्सपर्ट्स मानते हैं कि:
- IT सेक्टर में सैलरी ग्रोथ जारी रहेगी
- लेकिन फोकस “परफॉर्मेंस-लिंक्ड पे” पर रहेगा
- स्टॉक-आधारित इंसेंटिव (RSU/PSU) और बढ़ेंगे
यानी फिक्स सैलरी कम और वेरिएबल ज्यादा होगा।
निष्कर्ष: सिर्फ सैलरी नहीं, सिस्टम की कहानी
Ravi Kumar S की 29% सैलरी बढ़ोतरी एक साधारण खबर नहीं है।
यह दिखाती है कि:
- कंपनियां परफॉर्मेंस को कैसे रिवॉर्ड करती हैं
- IT सेक्टर किस दिशा में जा रहा है
- और सबसे अहम—कॉर्पोरेट दुनिया में आय का अंतर कितना बड़ा हो चुका है
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