पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच भारत में LPG, CNG और PNG की कीमतें लगातार चर्चा में बनी हुई हैं। अमेरिका-इजरायल-ईरान तनाव के कारण ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा है, जिसका असर अब भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर भी दिखाई देने लगा है। शुक्रवार को कई शहरों में CNG की कीमतों में ₹2 प्रति किलो तक की बढ़ोतरी की गई, जबकि LPG सप्लाई पर भी सरकार लगातार नजर बनाए हुए है।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशियाई देशों से आयात करता है। देश करीब 40% कच्चा तेल और लगभग 90% LPG आयात करता है, जिसमें सऊदी अरब और कतर जैसे देशों की बड़ी भूमिका है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय तनाव का सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ना तय माना जा रहा है।
हालांकि सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) जैसी स्कीमों के जरिए गरीब परिवारों को राहत देने की कोशिश जारी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश में 10 करोड़ से अधिक परिवारों को उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
दिल्ली, मुंबई समेत बड़े शहरों में घरेलू LPG सिलेंडर के रेट
14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई नया बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन कई शहरों में रेट पहले से ही ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं।
| शहर | घरेलू LPG सिलेंडर कीमत |
|---|---|
| नई दिल्ली | ₹913 |
| मुंबई | ₹912.50 |
| चेन्नई | ₹928.50 |
| कोलकाता | ₹939 |
| बेंगलुरु | ₹915.50 |
| हैदराबाद | ₹965 |
हैदराबाद में देश के बड़े महानगरों के मुकाबले घरेलू LPG सिलेंडर सबसे महंगा बना हुआ है। वहीं दिल्ली और मुंबई में कीमतें अपेक्षाकृत कम हैं।
कमर्शियल LPG सिलेंडर के रेट भी ऊंचे स्तर पर
रेस्टोरेंट, होटल और छोटे कारोबारियों के लिए इस्तेमाल होने वाले 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम कई शहरों में ₹3000 के पार बने हुए हैं। इससे होटल इंडस्ट्री और फूड बिजनेस पर लागत का दबाव बढ़ सकता है।
| शहर | कमर्शियल LPG कीमत |
|---|---|
| नई दिल्ली | ₹3,071.50 |
| मुंबई | ₹3,024 |
| चेन्नई | ₹3,237 |
| कोलकाता | ₹3,202 |
| बेंगलुरु | ₹3,152 |
| हैदराबाद | ₹3,315 |
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव लंबा खिंचता है तो आने वाले दिनों में कमर्शियल गैस की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर बाहर खाना खाने की लागत और फूड डिलीवरी बिजनेस पर भी दिखाई दे सकता है।
CNG की कीमतों में बढ़ोतरी, वाहन चालकों पर असर
सरकारी और निजी गैस कंपनियों ने शुक्रवार को दिल्ली और मुंबई समेत कई शहरों में CNG की कीमतें बढ़ा दीं। माना जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में तेजी के कारण यह फैसला लिया गया।
| शहर | CNG कीमत (₹ प्रति किलो) |
|---|---|
| नई दिल्ली | ₹79.09 |
| मुंबई | ₹83 |
| चेन्नई | ₹91.50 |
| कोलकाता | ₹93.50 |
| बेंगलुरु | ₹90 |
| हैदराबाद | ₹97 |
हैदराबाद में CNG सबसे महंगी बनी हुई है। वहीं दिल्ली में अभी भी कई बड़े शहरों की तुलना में कीमतें कम हैं। हालांकि लगातार बढ़ती कीमतों का असर ऑटो, टैक्सी और कैब सर्विस के किराए पर पड़ सकता है।
ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़े जानकारों का कहना है कि यदि CNG कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो सार्वजनिक परिवहन का खर्च बढ़ सकता है, जिसका असर आम यात्रियों पर पड़ेगा।
PNG अब बन रहा है सस्ता और भरोसेमंद विकल्प
घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG अब बड़े शहरों में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। LPG सिलेंडर बुकिंग और सप्लाई की झंझट से बचने के लिए लोग PNG की तरफ रुख कर रहे हैं।
| शहर | PNG कीमत (₹/SCM) |
|---|---|
| नई दिल्ली | ₹47.90 |
| मुंबई | ₹50 |
| चेन्नई | ₹50 |
| कोलकाता | ₹50 |
| बेंगलुरु | ₹52 |
| हैदराबाद | ₹51 |
PNG को लंबे समय में अधिक स्थिर और सुविधाजनक ईंधन माना जा रहा है। कई शहरों में नई हाउसिंग सोसाइटी और अपार्टमेंट्स में PNG कनेक्शन तेजी से बढ़ रहे हैं।
क्यों बढ़ रही है ईंधन कीमतों को लेकर चिंता?
ऊर्जा बाजार के विशेषज्ञों के मुताबिक मौजूदा समय में सबसे बड़ा जोखिम पश्चिम एशिया में बढ़ता संघर्ष है। यदि कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होती है तो भारत में पेट्रोल, डीजल, LPG, CNG और PNG सभी ईंधनों की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में थोड़ी सी भी अस्थिरता का असर सीधे भारतीय उपभोक्ताओं तक पहुंचता है।
इसके अलावा रुपये की कमजोरी, बढ़ता आयात बिल, शिपिंग लागत में बढ़ोतरी, वैश्विक गैस सप्लाई संकट भी कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं।
सरकार की क्या तैयारी है?
सरकार फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। पेट्रोलियम मंत्रालय और तेल कंपनियों को सप्लाई चेन मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी शहर में LPG की कमी न हो।
उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी अभी भी करोड़ों गरीब परिवारों को राहत दे रही है। हालांकि बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक संकट और बढ़ता है तो सरकार पर अतिरिक्त सब्सिडी बोझ बढ़ सकता है।
आम लोगों पर क्या होगा असर?
यदि ऊर्जा कीमतों में लगातार तेजी बनी रहती है तो इसका असर केवल रसोई गैस तक सीमित नहीं रहेगा। इसका प्रभाव:
- किराना सामान
- होटल और रेस्टोरेंट
- कैब और ऑटो किराया
- दूध और सब्जियों की ढुलाई
- ऑनलाइन डिलीवरी
तक दिखाई दे सकता है।
यही वजह है कि फिलहाल लोग LPG के साथ-साथ CNG और PNG जैसी वैकल्पिक ईंधन व्यवस्था की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं।
निष्कर्ष
16 मई 2026 को देश के कई बड़े शहरों में LPG, CNG और PNG की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। पश्चिम एशिया संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने आने वाले दिनों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि सरकार सप्लाई और सब्सिडी व्यवस्था बनाए रखने का दावा कर रही है, लेकिन आम उपभोक्ताओं को फिलहाल अपने ईंधन खर्च पर अतिरिक्त ध्यान देना पड़ सकता है।
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