कभी आंध्र प्रदेश के एक छोटे से गांव कोडुमुर (कुरनूल जिला) में दादी के साथ रसोई में जड़ी-बूटियों को पीसकर घरेलू नुस्खे बनाती एक लड़की आज एक सफल उद्यमी बन चुकी है। यह कहानी है जगती रेड्डी की, जिन्होंने परंपरागत भारतीय ज्ञान को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़कर एक ऐसा स्टार्टअप खड़ा किया जिसने सिर्फ एक साल में ₹1 करोड़ का टर्नओवर हासिल कर लिया।
उनका ब्रांड “चेंगावी (Chengavi)” आज भारतीय आयुर्वेदिक ब्यूटी और स्किनकेयर इंडस्ट्री में तेजी से उभरता नाम बन रहा है।
एक विचार जिसने बदल दी दिशा: आयुर्वेद + विज्ञान का मेल

जगती रेड्डी ने मई 2025 में बायोटेक्नोलॉजिस्ट डॉ. विष्णु प्रशांत विनुकोंडा के साथ मिलकर इस ब्रांड की नींव रखी। उनका उद्देश्य सिर्फ एक कॉस्मेटिक ब्रांड बनाना नहीं था, बल्कि आयुर्वेद की पारंपरिक शक्ति को वैज्ञानिक सटीकता के साथ दुनिया के सामने लाना था।
ब्रांड का नाम “चेंगावी” भी इसी सोच को दर्शाता है—जहां “सुंदरता” और “सूर्योदय की ऊर्जा” का प्रतीकात्मक मेल देखने को मिलता है।
जड़ों से जुड़ी प्रेरणा: दादी के नुस्खों से शुरू हुआ सफर
जगती रेड्डी का बचपन गांव के प्राकृतिक माहौल में बीता, जहां उन्होंने अपनी दादी को खेतों और रसोई से मिलने वाली जड़ी-बूटियों से घरेलू उपचार और ब्यूटी प्रोडक्ट बनाते देखा। यही अनुभव आगे चलकर उनके बिजनेस आइडिया की नींव बना।
उनका मानना है कि भारत में पारंपरिक ज्ञान की अपार संपदा मौजूद है, जिसे अगर आधुनिक रिसर्च के साथ जोड़ा जाए तो वैश्विक स्तर पर बड़ा अवसर बनाया जा सकता है।
शिक्षा और ग्लोबल एक्सपोजर ने बदला नजरिया

जगती रेड्डी ने एनालिटिक्स में बीबीए पूरा करने के बाद ISB हैदराबाद से मास्टर्स किया और साथ ही आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन में इंटरनेशनल डिप्लोमा हासिल किया।
इसके अलावा उन्होंने अमेरिका और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में ब्यूटी एक्सपो में हिस्सा लिया, जिससे उन्हें समझ आया कि भारतीय आयुर्वेद को ग्लोबल मार्केट के हिसाब से कैसे प्रेजेंट किया जा सकता है। यह एक्सपोजर उनके बिजनेस विजन को और मजबूत करता गया।
🔬 रिसर्च और R&D: 4 साल की मेहनत का नतीजा
“चेंगावी” की असली ताकत इसकी रिसर्च और डेवलपमेंट प्रक्रिया है। स्टार्टअप लॉन्च होने से पहले करीब 4 साल तक गहन R&D की गई, जिसमें:
- शुद्ध जड़ी-बूटियों की पहचान
- किसानों से सीधे सोर्सिंग
- केमिकल-फ्री फॉर्मूला डेवलपमेंट
- कम लेकिन प्रभावी इंग्रेडिएंट्स पर फोकस
जैसी प्रक्रियाएं शामिल थीं। आज कंपनी के पास अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है, जो आयुष GMP दिशानिर्देशों के तहत स्किनकेयर, हेयरकेयर और पुरुषों के लिए 24+ प्रोडक्ट्स बनाती है।
को-फाउंडर पार्टनरशिप: साइंस और विजन का मेल

जगती रेड्डी के इस सफर को मजबूती तब मिली जब बायोटेक्नोलॉजिस्ट डॉ. विष्णु प्रशांत इस प्रोजेक्ट से जुड़े। 15 साल के रिसर्च अनुभव वाले डॉ. प्रशांत ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से फॉर्मूलेशन को मजबूत किया, जबकि जगती ने मार्केटिंग और ब्रांड विजन को दिशा दी। यह साझेदारी ही इस स्टार्टअप की सबसे बड़ी ताकत बनी।
तेजी से बढ़ता ब्रांड और मार्केट एक्सपेंशन
लॉन्च के बाद ही चेंगावी ने तेजी से ग्रोथ दिखाई। आज इसके प्रोडक्ट्स:
- Amazon और Myntra जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं
- दक्षिण भारत के 28 ऑफलाइन स्टोर्स में मौजूद हैं
क्वालिटी और नैचुरल इंग्रेडिएंट्स की वजह से ब्रांड ने कम समय में भरोसा बनाया और तेजी से कस्टमर बेस बढ़ाया।
₹1 करोड़ टर्नओवर और सम्मान

स्टार्टअप ने लॉन्च के सिर्फ एक साल के भीतर ₹1 करोड़ का टर्नओवर हासिल कर लिया, जो किसी भी नए आयुर्वेदिक ब्रांड के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। इस सफलता के लिए जगती रेड्डी को कई सम्मान भी मिले, जिनमें:
- COA अवॉर्ड (अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा द्वारा सम्मानित)
- नारी शक्ति सम्मान
- अंतरराष्ट्रीय आयुष सम्मेलन में पहचान
शामिल हैं।
ग्लोबल विजन: भारत के आयुर्वेद को दुनिया तक ले जाने का लक्ष्य
आज चेंगावी सिर्फ एक ब्रांड नहीं, बल्कि एक मिशन बन चुका है। दुबई में आयोजित अंतरराष्ट्रीय आयुष सम्मेलन में इस स्टार्टअप ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई, जिससे यह साफ है कि कंपनी अब ग्लोबल मार्केट में भी विस्तार की तैयारी में है।
निष्कर्ष: एक गांव से शुरू होकर ग्लोबल ब्रांड तक का सफर
जगती रेड्डी की कहानी इस बात का उदाहरण है कि अगर पारंपरिक ज्ञान, आधुनिक विज्ञान और सही विजन साथ आ जाए, तो छोटे गांव से भी बड़ा बिजनेस खड़ा किया जा सकता है।
उनकी यात्रा सिर्फ एक स्टार्टअप की सफलता नहीं, बल्कि भारतीय आयुर्वेद को आधुनिक दुनिया में नए रूप में स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। आज चेंगावी यह साबित कर रहा है कि असली इनोवेशन हमेशा लैब से नहीं, कभी-कभी दादी की रसोई से भी शुरू हो सकता है।
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