नई दिल्ली | अप्रैल 2026: भारत के टेक्सटाइल इंजीनियरिंग सेक्टर ने अंतरराष्ट्रीय विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए इंडोनेशिया के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की नई पहल की है। India ITME Society ने अपनी पहली टेक्सटाइल इंजीनियरिंग इंडस्ट्री बिजनेस डेलीगेशन यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसका उद्देश्य भारतीय टेक्सटाइल मशीनरी निर्माताओं और इंडोनेशियाई टेक्सटाइल उद्योग के बीच एक संरचित संवाद मंच स्थापित करना है।
यह पहल केवल एक व्यापारिक दौरा नहीं थी, बल्कि भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया (ASEAN) के बीच बढ़ते औद्योगिक सहयोग का एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है। वैश्विक सप्लाई चेन में हो रहे बदलावों और एशियाई बाजारों में बढ़ती मांग के बीच यह यात्रा रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भारत–इंडोनेशिया टेक्सटाइल संबंधों में नया अध्याय
इंडोनेशिया दक्षिण-पूर्व एशिया का एक बड़ा टेक्सटाइल उत्पादन केंद्र है, जहां कपड़ा उद्योग देश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाता है। वहीं भारत टेक्सटाइल मशीनरी, प्रोसेसिंग तकनीक और डाई-केमिकल्स के क्षेत्र में एक मजबूत वैश्विक खिलाड़ी है।
इसी पृष्ठभूमि में India ITME Society की यह पहल दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग को नए स्तर पर ले जाने का प्रयास है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ASEAN क्षेत्र में टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग तेजी से बढ़ रही है और इस दौरान भारत के लिए मशीनरी और तकनीक निर्यात का बड़ा अवसर बन रहा है। चीन के विकल्प के रूप में भी भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।
18 कंपनियों का प्रतिनिधित्व, 23 प्रतिनिधियों की भागीदारी
इस उच्च स्तरीय डेलीगेशन में भारत की 18 प्रमुख कंपनियों और 23 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसमें टेक्सटाइल इंडस्ट्री के विभिन्न सेक्टर शामिल थे:
- स्पिनिंग सेक्टर (6 कंपनियां)
- वीविंग सेक्टर (1 कंपनी)
- प्रोसेसिंग यूनिट्स (6 कंपनियां)
- डाईस्टफ और केमिकल्स (2 कंपनियां)
- हैंडलिंग और पैकेजिंग (1 कंपनी)
- एसोसिएशन और चैंबर प्रतिनिधि (2)
इस विविध प्रतिनिधित्व ने यह दर्शाया कि भारत का टेक्सटाइल इकोसिस्टम केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी वैल्यू चेन में वैश्विक विस्तार की क्षमता रखता है।
जकार्ता और बांडुंग में 4 दिवसीय रणनीतिक यात्रा
यह डेलीगेशन 12 अप्रैल से 16 अप्रैल 2026 तक इंडोनेशिया के दो प्रमुख टेक्सटाइल हब—बांडुंग और जकार्ता—में सक्रिय रहा।
चार दिवसीय इस दौरे के दौरान भारतीय प्रतिनिधियों ने कई महत्वपूर्ण गतिविधियों में हिस्सा लिया, जिनमें शामिल थे:
सरकारी और औद्योगिक बैठकें
प्रतिनिधियों ने इंडोनेशिया के Ministry of Industry (Kemenperin) के साथ चर्चा की, जिसमें टेक्सटाइल इंडस्ट्री के भविष्य, निवेश अवसरों और तकनीकी सहयोग पर विचार-विमर्श हुआ।
इसके अलावा इंडोनेशिया के प्रमुख व्यापारिक निकायों जैसे:
- IndCham (India Indonesia Chamber of Commerce)
- KADIN (Indonesian Chamber of Commerce and Industry)
के साथ भी महत्वपूर्ण बैठकें हुईं।
प्रमुख टेक्सटाइल यूनिट्स का दौरा और इंडस्ट्री इंटरैक्शन
डेलीगेशन ने बांडुंग स्थित Pt. Sipatex Putri Lestari जैसी बड़ी टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का दौरा किया, जो इंडोनेशिया की एक अग्रणी इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल कंपनी मानी जाती है।
इसके अलावा प्रतिनिधियों ने Indo Intertex 2026 और Inatex 2026 जैसे बड़े उद्योग प्रदर्शनियों में भाग लिया, जहां नवीनतम टेक्सटाइल तकनीक और मशीनरी का प्रदर्शन किया गया।
इन दौरों ने भारतीय कंपनियों को इंडोनेशियाई बाजार की वास्तविक जरूरतों और तकनीकी मांगों को समझने का अवसर दिया।
बिजनेस सेमिनार और मीडिया संवाद
बांडुंग में एक विशेष बिजनेस सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय और इंडोनेशियाई उद्योग जगत के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। इस सेशन में दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई।
इस कार्यक्रम में इंडोनेशियाई मीडिया ने भी भाग लिया और भारतीय प्रतिनिधियों का इंटरव्यू किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि इस डेलीगेशन को स्थानीय स्तर पर भी काफी महत्व दिया गया।
उच्च स्तरीय उपस्थिति ने बढ़ाई पहल की गंभीरता
इस पूरे कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित उद्योग और राजनयिक हस्तियों की उपस्थिति रही, जिनमें शामिल थे:
- भारत के इंडोनेशिया में राजदूत H.E. श्री संदीप चक्रवर्ती
- API के चेयरमैन और PT Dhanar Mas Group के अध्यक्ष
- PT Sipatex Putri Lestari के वरिष्ठ अधिकारी
- Indorama समूह और अन्य बड़ी टेक्सटाइल कंपनियों के CEO
इस उच्च स्तरीय भागीदारी ने इस पहल को केवल व्यापारिक नहीं बल्कि रणनीतिक सहयोग का रूप दे दिया।
भारत की वैश्विक टेक्सटाइल रणनीति में अहम कदम
India ITME Society के चेयरमैन केतन सांघवी ने कहा कि यह डेलीगेशन एक संरचित अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव कार्यक्रम की शुरुआत है, जो भविष्य में ASEAN क्षेत्र तक विस्तारित होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहल भारत की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह:
- टेक्सटाइल मशीनरी निर्यात बढ़ाना चाहता है
- वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी भूमिका मजबूत करना चाहता है
- और “China+1” रणनीति का लाभ उठाना चाहता है
टेक्सटाइल मशीनरी सेक्टर के लिए संभावनाएं
इस दौरे से भारतीय कंपनियों के लिए कई अवसर खुलकर सामने आए हैं:
- ASEAN देशों में मशीनरी निर्यात की बढ़ती मांग
- तकनीकी साझेदारी और जॉइंट वेंचर के अवसर
- इंडोनेशिया में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के विस्तार की संभावना
- लॉन्ग-टर्म सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट्स
निष्कर्ष: भारत–ASEAN व्यापार में नया मोड़
India ITME Society की यह पहली इंडोनेशिया यात्रा केवल एक औपचारिक डेलीगेशन नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक टेक्सटाइल रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
यह पहल दिखाती है कि भारत अब केवल घरेलू उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक टेक्सटाइल सप्लाई चेन में एक मजबूत और भरोसेमंद साझेदार बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
आने वाले वर्षों में इस तरह की पहलें भारत और ASEAN देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और अधिक मजबूत कर सकती हैं और टेक्सटाइल उद्योग के लिए नए अवसर खोल सकती हैं।
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