प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) के तहत झारखंड के सिमडेगा और पश्चिम सिंहभूम जिलों में किसानों को नई तकनीक, सिंचाई और भंडारण सुविधाओं के साथ कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए विशेष योजना लागू की जा रही है।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) एक केंद्रीय योजना है जिसका उद्देश्य कृषि उत्पादकता में सुधार, फसल विविधीकरण, और किसानों की आय में वृद्धि करना है। झारखंड के सिमडेगा और पश्चिम सिंहभूम जिले इस योजना के तहत चयनित किए गए हैं। यह योजना 2025 से 2031 तक छह वर्षों के लिए लागू की जाएगी और इसमें 100 “एग्रीकल्चरल डिस्ट्रीक्ट्स” को शामिल किया जाएगा।
🧭 योजना के प्रमुख उद्देश्य

- कृषि उत्पादकता में सुधार: नवीनतम कृषि तकनीकों और संसाधनों के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाना।
- फसल विविधीकरण: किसानों को विभिन्न प्रकार की फसलों की खेती के लिए प्रेरित करना।
- सतत कृषि प्रथाएँ: पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना।
- सिंचाई सुविधाओं का विस्तार: सिंचाई प्रणालियों को सुदृढ़ करना ताकि जल संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके।
- भंडारण सुविधाओं का विकास: पंचायत और ब्लॉक स्तर पर भंडारण सुविधाओं का निर्माण करना।
- ऋण सुविधा में सुधार: किसानों को शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म ऋण सुविधाएँ प्रदान करना।
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🧑🌾 सिमडेगा और पश्चिम सिंहभूम में योजना का प्रभाव

सिमडेगा और पश्चिम सिंहभूम जिले कृषि प्रधान क्षेत्र हैं, लेकिन यहाँ की कृषि उत्पादकता में सुधार की आवश्यकता है। इस योजना के तहत इन जिलों में कृषि संबंधी बुनियादी ढाँचे का विकास होगा, जिससे किसानों को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी। नवीनतम तकनीकों के माध्यम से फसल उत्पादकता में वृद्धि होगी और किसानों की आय में सुधार होगा।
🗓️ योजना की समयसीमा और निगरानी

यह योजना 2025 से 2031 तक छह वर्षों के लिए लागू की जाएगी। केंद्र, राज्य और जिला स्तर पर समितियाँ गठित की जाएँगी जो योजना के क्रियान्वयन और प्रगति की निगरानी करेंगी। प्रत्येक जिले में एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाएगी और प्रगति को NITI Aayog द्वारा प्रबंधित डैशबोर्ड के माध्यम से ट्रैक किया जाएगा।
🔮 निष्कर्ष

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना झारखंड के सिमडेगा और पश्चिम सिंहभूम जिलों में कृषि सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के माध्यम से किसानों को बेहतर संसाधन, तकनीक, और वित्तीय सहायता मिलेगी, जिससे उनकी जीवनशैली में सुधार होगा और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
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